19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
डीजल से चलने वाली पनडुब्बी उतारेगा रूस
17-08-2012

सेंट पीटर्सबर्ग। जहाजरानी कंपनी एडमिराल्टी शिपयार्ड रूसी समुद्री बेड़े \'ब्लैक सी फ्लीट\' के लिए डीजल और बिजली से चलने वाले एक पनडुब्बी का निर्माण करेगा। इसकी जानकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती ने कंपनी के हवाले से दी। ऐसी उम्मीद है कि छह वर्शाव्यांका श्रृंखला की तीसरी पनडुब्बी \'स्ट्रे ओसकोल\' 2016 तक इस बेड़े में शामिल होगी। पहली पनडुब्बी \'नोवोरोसीस्क\' अगस्त 2010 और दूसरी \'रोस्तोव-आन-डॉन\' नवम्बर 2011 में बनी थी। वशाव्यांका \'किलो\' श्रेणी की पनडुब्बी का सुधरा हुआ रूप है जिसमें अग्रवर्ती गूढ़ तकनीक का इस्तेमाल हुआ है। इसकी मारक क्षमता को बढ़ाया गया है और यह थल, सतह और पानी के अंदर मार कर सकती है। इनका इस्तेमाल गैर-जहाजरानी और गैर-पनडुब्बी मिशन के लिए अपेक्षाकृत कम गहरे पानी में किया जाता है। इस बेड़े में 52 पनडुब्बियां शामिल की गई है। जो 45 दिन में 400 मील की दूरी तय कर सकती हैं। इसके साथ ही इस बेड़े में जहाज ध्वस्त करने वाले 18 गोले और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी शामिल हैं।