23 March 2019



राष्ट्रीय
राम ढूंढ रहे कृष्ण को
18-08-2012

अमृतसर, [रमेश शुक्ला \'सफर\']। राम ढूंढे रहे कृष्ण को, लेकिन कृष्ण पाकिस्तान जेल में कैद है। हम बात कर रहे गुजरात के राम बाबू की। उनका 17 वर्षीय बेटा कृष्ण पाक की बच्चों की जेल में दिन काट रहा है। जन्माष्टमी के दिन जन्म लेने वाला यह कृष्ण है गुजरात के जूनागढ़ का। 18 महीने से वह पाकिस्तान जेल में कैद है। उसे पाकिस्तान नेवी ने समुद्र में अपने गांव के कुछ लोगों के साथ मछलियां पकड़ते पकड़ा था। पिता राम बेटे कृष्ण की एक झलक देखने के लिए बेहाल है, तो घर में मां शांता दिन-भर रोती रहती है।

पाकिस्तान से कुछ मछुआरों को छोड़ने की खबर जब बाबू राम को मिली तो वह सैकड़ों किलोमीटर लंबा सफर तय कर अटारी बार्डर पहुंचे। एक-एक कर सीमा के उस पार से आने वाले मछुआरे में वह अपना कृष्ण ढूंढते रहे। कृष्ण तो नहीं मिला, लेकिन कृष्ण के साथ बच्चों की जेल में सजा काट कर लौटे दो बच्चे जगदीश व गिरीह ने उन्हें बताया कि कृष्ण पिछले कुछ दिनों से बीमार है। जेल में उसका इलाज चल रहा है। यह सुन राम के आंखों से आंसू छलक पड़े। बाबू राम कहते हैं, जन्माष्टमी को उनके कृष्ण का भी जन्मदिन था। उस दिन से उसकी पत्नी शांता ने दाना-पानी छोड़ दिया है। बड़ी आस के साथ वह पत्नी को कहकर आए थे कि वह कृष्ण को लेकर लौटेंगे, लेकिन अब वह किस मुंह से घर जाए। हाथ जोड़कर बाबू राम ने सबके समाने यही फरियाद की कि ऊपर वाला उसके कृष्ण को भी भारत भेज दे, ताकि उनके परिवार को जीनेका सहारा मिल सके।