17 February 2019



प्रादेशिक
शिवराज की जगह लेने की जुगत में हैं कुछ बीजेपी नेता
20-08-2012

क्या होगा यदि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बीजेपी प्रधानमंत्री पद के उम्मीद्वार के रूप में एनडीए में प्रोजेक्ट करती है। नरेन्द्र मोदी के नाम पर एनडीए के घटक दलों खासकर नीतिश कुमार द्वारा कड़ी आपत्ति जताए जाने के बाद सर्व मान्य उम्मीद्वार के रूप में शिवराज सिंह चौहान का नाम आगे बढ़ा सकती है। ऐसे में मध्यप्रदेश की राजनीति में अभी से उथल-पुथल स्वाभाविक है। आरएसएस के लाख चाहने के बाद भी नरेन्द्र मोदी ,एनडीए के पीएम उम्मीद्वार के रूप में सर्वमान्य नहीं हो पा रहे हैं। एनडीए के घटक जनता दल यूनाइटेड के सर्वे सर्वा नीतिश कुमार ने तो धमकी दे डाली है कि यदि नरेन्द्र मोदी को पीएम पद के लिए प्रोजेक्ट किया गया तो वे एनडीए ही छोड़ देंगे। आरएसएस ने समय की नजाकत को भांपते हुए अब पीएम के पद के नए कैंडिडेट के लिए मंथन शुरू कर दिया है। हाल ही में बीजेपी हाईकमान द्वारा दिल्ली में बुलाई गई बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक इसी का हिस्सा थी। बैठक में शिवराज शासनकाल को माडल रूप में पहचान मिली है। शिवराज की खूबियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित कर क्या उन्हें प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाया जा सकता है इस पर विचार-विमर्श जारी है। वैसे भी लालकृष्ण आडवाणी, मोदी के अलावा शिवराज को पीएम पद का दावेदार बता चुके हैं। जाहिर है शिवराज में सभी को साधने की जो काबिलियत है उसका लाभ आऱएसएस जरूर उठाना चाहेगी। बीजेपी के नेता भी मानते हैं कि शिवराज उनके लिए ट्रंप कार्ड हैं। इधर शिवराज के पीएम पद के दावेदार बनने की सूरत में मध्यप्रदेश की राजनीति में भी काफी उठा पटक गुपचुप तौर पर शुरू हो गई है। उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय तो मुख्यमंत्री बनने के लिए लंबे समय से महत्वाकांक्षा पाले हुए हैं लेकिन पेंशन घोटाला उनकी छवि पर एक दाग की तरह चिपका हुआ है। उधर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष प्रभात झा भी इस पद के लिए अनुकूल योग्यताएं रखते हैं। कांग्रेस इस मामले में बीजेपी की गुटबाजी का हवाला दे रही है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी के कई नेता चाहते हैं कि शिवराज विदा हों तो उनका नंबर लगे।