15 February 2019



राष्ट्रीय
कैग रिपोर्ट पर संसद में घमासान, पीएम, बेनी के इस्तीफे की मांग
21-08-2012

कोयला खंड आवंटन पर आई नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट को लेकर संसद में हुए भारी हंगामे के बीच विपक्ष ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग की है। सरकार ने मनमोहन के इस्तीफे की मांग सिरे से खारिज करते हुए भाजपा से सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने को कहा है। वहीं दूसरी तरफ संप्रग सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा ने इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा को इस्तीफा देने को कहा है। बेनी ने सोमवार को बढ़ती महंगाई से खुश होकर कहा था कि इससे देश के गरीब किसानों को फायदा होगा और उनकी वस्तुएं ऊंचे दामों में बिकेंगी। साथ ही, उन्होंने सपा सुप्रीमो को प्रधानमंत्री बनने के सपने न देखने की हिदायत दी थी। सपा को बेनी का यह बयान गले नहीं उतरा है। दोनों सदनों की बैठक सुबह 11 बजे जैसे ही शुरू हुई, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाना चाहा। जिसके कारण दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। संक्षिप्त स्थगन के बाद लोकसभा की बैठक जब दोबारा शुरू हुई, तो भी इस मुद्दे पर संकट जस का तस बना हुआ था। विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के आसन की ओर बढ़ गए। सरकार ने कहा कि विपक्ष को चाहिए कि सदन की कार्यवाही चलने दे और इस मुद्दे पर बहस होने दे। सरकार ने इस मुद्दे पर सदन में बहस की पेशकश की। सदन के नेता सुशील कुमार शिंदे ने कहा रि हम मुद्दे पर चर्चा कर सकते है। हमें कोई आपत्ति नहीं है। लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्ष से पूछा कि क्या वे बहस के लिए राजी है, लेकिन नारेबाजी और शोरशराबा जारी रहा। उसके बाद मीरा कुमार ने मजबूरन सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। राज्यसभा में भी यही स्थिति रही। जिसके कारण सभापति हामिद अंसारी को सदन की कार्यवाही शुरू में दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। राज्यसभा की बैठक जब दोबारा शुरू हुई तो कुछ क्षण के लिए स्थिति शांतिपूर्ण थी। इस दौरान कांग्रेस सदस्य पीजे कुरियन को सर्वसम्मति से उपसभापति चुना गया। सभी दलों के सदस्यों ने इस पद पर कुरियन के चुनाव के लिए उन्हे बधाई दी। लेकिन कुरियन को अपनी नई भूमिका के तहत सदन की कार्यवाही संचालित करने के लिए आसन पर जैसे ही आमंत्रित किया गया, विपक्षी सदस्यों ने कोयला खण्ड आवंटन पर सीएजी रपट का मुद्दा दोबारा उठाया। विपक्ष के हंगामे के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने कहा कि सरकार बहस के लिए तैयार है। शुक्ला ने कहा कि भाजपा बहस से भाग रही है, क्योंकि उनके मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त है। चूंकि सदस्यों की नारेबाजी जारी रही, लिहाजा कुरियन ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने सदन की कार्यवाही बाधित की और किसी को भी बोलने नहीं दिया। हम विस्तृत बहस के लिए तैयार है और तब हम हम देखेंगे कि क्या होता है। वे (भाजपा) संकटपूर्ण स्थिति पैदा करना चाहते है, लेकिन लोगों को सच जान लेना चाहिए कि कोयला आवंटन घोटाले में उनकी क्या भूमिका है। बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग निराधार है। वहीं, अंबिका सोनी ने कहा है कि विपक्ष बिना सबूत के प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांग रहा है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह संसद में पेश की गई सीएजी की रपट में कहा गया है कि निजी कंपनियों को कोयला खंड आवंटन में पारदर्शिता के अभाव के कारण सरकारी खजाने को 1.85 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।