19 February 2019



राष्ट्रीय
सपा को मंजूर नहीं प्रोन्नति में कोटा व्यवस्था
21-08-2012

 राजनीतिक मजबूरी के चलते सरकारी नौकरियों की प्रोन्नति में भी अनुसूचित जाति (एससी) और अनसूचित जनजाति (एसटी) को आरक्षण देने के लिए सरकार ने भले हामी भर दी हो, लेकिन यह राजनीतिक दलों के गले नहीं उतर रहा है। मंगलवार को इस मसले पर संविधान संशोधन के लिए प्रधानमंत्री की मौजूदगी में होने जा रही सर्वदलीय बैठक में सरकार को दलों की नाराजगी से दो चार होना पड़ सकता है। खिलाफत तो कांग्रेस व भाजपा के भीतर भी है, पर समाजवादी पार्टी खुल कर विरोध में उतर गई है। वह इस मामले में सामूहिक विरोध के लिए दूसरे दलों का भी मन टटोल रही है। इस बीच, प्रमोशन में कोटे के खिलाफ मंगलवार को जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन भी हुआ। संसद में बीते दिनों सरकार ने एससी एसटी आरक्षण के लिए 22 अगस्त को विधेयक लाने का भरोसा तो दे दिया लेकिन अंदरूनी तौर पर यह मामला गरमाने लगा है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार की इस मुहिम से खुद कांग्रेस और भाजपा के भी गैर दलित सांसद सहमत नहीं हैं। अंदरूनी तौर पर वे प्रोन्नति में आरक्षण और परिस्थितिजन्य (कांसीक्वेंशियल) वजहों से प्रोन्नति के कानून के खिलाफ हैं। कांग्रेस सदस्यों का मानना है कि यह फैसला राजनीतिक रूप से भी गलत होगा। क्योंकि इसका सीधा फायदा बसपा ले जाएगी। मायावती के दबाव में ही गत दिनों सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाने और 22 तारीख को विधेयक लाने का वादा किया था, लेकिन अपनी पार्टियों के रुख के मद्देनजर कांग्रेस सदस्य उसके खिलाफ खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं। सपा प्रोन्नति में कोटे और परिस्थितिजन्य (कांसीक्वेंशियल) वजहों से एससी, एसटी अफसरों-कर्मियों की प्रोन्नत के खिलाफ खुलकर है। वह इसके विरोध में गैर एससी, एसटी अफसरों की तरफ से मंगलवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में भी शिरकत करेगी। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा सांसद प्रो. रामगोपाल यादव का कहना है \'यदि एससी, एसटी को सरकारी नौकरियों की प्रोन्नति में आरक्षण दिया गया, परिस्थितिजन्य वजहों को आधार बनाकर प्रोन्नत का कानून बनाया गया तो आने वाले वर्षों में अगड़ों,पिछड़ों और मुस्लिम समुदाय का कोई अधिकारी विभागाध्यक्ष, सचिव, प्रमुख सचिव, कैबिनेट सचिव और प्रधानमंत्री का सचिव नहीं बन सकेगा। नतीजन इन समुदायों के अधिकारी मन लगाकर काम नहीं करेंगे। कार्यक्षमता घटेगी। सामाजिक वैमनस्य बढ़ेगा। लिहाजा सपा इसका विरोध करेगी\' यादव ने यह भी जोड़ा कि एससी, एसटी आरक्षण के मौजूदा प्रावधानों से इन समुदायों के हक का कोई हनन नहीं हो रहा है। फिर भी कांग्रेस और भाजपा महज 20 फीसद वोट केलालच में इस मामले में एक हैं, जबकि उनके कई सांसद इसके पक्ष में नहीं हैं।