22 February 2019



राष्ट्रीय
कोयले पर संसद ठप, बीजेपी ने ममता से मांगा साथ
22-08-2012

 कोयला आवंटन में हुए घोटाले पर आई कैग की रिपोर्ट को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग के साथ भारी हंगामा मचाया। पहले दोनों सदनों को 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया। उसके बाद जैसे ही दोनों सदनों ने कार्यवाही शुरू हुई। विपक्ष ने फिर से अपना मोर्चा तान दिया। लिहाजा दोनों सदनों को फिर से दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस मामले को लेकर भाजपा के नेता संप्रग के अहम घटक दल तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी से भी समर्थन मांग रहे हैं। भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन और राजीव प्रताप रूढ़ी ने ममता बनर्जी से इस संबंध में मुलाकात की है। पूरी लोकसभा प्रधानमंत्री गद्दी छोड़ो, प्रधानमंत्री इस्तीफा दो जैसे नारों से गूंजने लगी। कोयला आवंटन के मामले पर विपक्ष को प्रधानमंत्री के इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। संसदीय कार्यमंत्री पवन बंसल ने इस मामले में विपक्ष के समक्ष चर्चा की पेशकश की है, लेकिन कोई उनकी एक सुनने को तैयार नहीं है। भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों द्वारा सदन का कामकाज चलने देने से इंकार करने और नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के पास पहुंच जाने पर लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। राज्य सभा में भी यही नजारा देखने को मिला। विपक्ष के शोरगुल की वजह से राज्यसभा के सभापति मोहम्मद हामिद अंसारी ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। इससे पहले मंगलवार को भी इसी मसले पर हंगामे की वजह से संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी थी। ज्ञात हो कि पिछले सप्ताह सीएजी द्वारा संसद में पेश रपट में कहा गया है कि निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटन में पारदर्शिता के अभाव के कारण सरकारी खजाने को 1.85 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस रिपोर्ट में प्रत्यक्ष तौर पर प्रधानमंत्री या उनके कार्यालय को दोषी नहीं ठहराया गया है, लेकिन जुलाई 2004 से मई 2009 की अवधि में, जब इन ब्लॉक्स का आवंटन किया गया था, उस समय कोयला विभाग का प्रभार प्रधानमंत्री के पास था।