16 February 2019



राष्ट्रीय
प्रधानमंत्री के इस्तीफे से कम नहीं चाहती भाजपा
22-08-2012

 कोयला खंडों के आवंटन में कथित घोटाले के मुद्दे पर मंगलवार को संसद की कार्यवाही बाधित करने वाली भाजपा ने कहा है कि जब तक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस्तीफा नहीं दे देते तब तक वह संसद की कार्यवाही चलने नहीं देगी। भाजपा के एक नेता ने बताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन [राजग] ने फैसला किया कि वह प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग उठाती रहेगी। भाजपा नेता ने कहा, पूरे सप्ताह संसद की कार्यवाही नहीं चलेगी। यदि हमारी चिंताओं का समाधान नहीं होता है तो हो सकता है कि पूरे सत्र में ही कोई कार्यवाही न हो। हम प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर अडिग है। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार यदि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक [सीएजी] की रिपोर्ट पर चर्चा को तैयार हो जाती है तो वे समझौता कर लेंगे, इसके जवाब में उन्होंने कहा, चर्चा कराना हमारी मांग ही नहीं है। हमारा रुख स्पष्ट है। हम चाहते है कि प्रधानमंत्री इस्तीफा दें। मालूम हो कि पिछले सप्ताह संसद में पेश की गई सीएजी की रपट में कहा गया है कि निजी कंपनियों को कोयला खंड आवंटन में पारदर्शिता के अभाव के कारण सरकारी खजाने को 1.85 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सीएजी की रपट में प्रधानमंत्री को या उनके कार्यालय को प्रत्यक्ष तौर पर तो दोषी नहीं ठहराया गया है। लेकिन ये कोयला खंड उस दौरान [जुलाई 2004 से मई 2009] आवंटित किए गए थे, जब केंद्रीय कोयला मंत्रालय का प्रभार प्रधानमंत्री के पास था। राजग की मंगलवार को हुई बैठक में भाजपा के अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, शिवसेना के अनंत गीते, अकाली दल के रतन सिंह अजनाला, राजग संयोजक शरद यादव उपस्थित थे।