24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
तीन बार टाला था ओसामा को मारने का मिशन
22-08-2012

 अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को मार गिराने के मिशन को तीन बार टाल दिया था। बाद में विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के आग्रह पर उन्होंने मिशन को आगे बढ़ाया था। यह दावा \'लीडिंग फ्रॉम बिहाइन्ड [द रिलक्टेंट प्रेसिडेंट एंड द एडवाइजर्स हू डिसाइड फॉर हिम] नामक किताब में किया गया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल और वाशिंगटन टाइम्स के पूर्व रिपोर्टर रिच मिनटर ने ज्वाइंट ऑपरेशंस कमांड के सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि 2011 में जनवरी, फरवरी और मार्च में तीन \'किल\' मिशन को ओबामा ने रोक दिया था। मेल ऑनलाइन ने किताब के हवाले से कहा है कि राष्ट्रपति को आशंका थी कि एबटाबाद में ओसामा के ठिकाने पर नेवी सील कमांडो की कार्रवाई गलत हो सकती है और इसके लिए उन्हें दोष दिया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि दो मई, 2011 को अमेरिकी सील कमांडो ने ओसामा को उसके घर में घुसकर मार गिराया था। किताब में दावा किया गया है कि ह्वाइट हाउस का वह बयान मिथ्या है जिसमें ओबामा को ऐसा निर्णायक नेता बताया गया था, जिसने ओसामा के खिलाफ कार्रवाई की स्वीकृति दी। किताब में ओसामा को मार गिराने के निर्णय को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के कृतसंकल्प होने वाली बात पर ओबामा के फिर से चुने जाने के प्रयास को चुनौती दी गई है। मिनटर ने लिखा है, \'राष्ट्रपति के कार्यकाल के अपने प्रारंभिक दिनों में ओबामा इस बात को लेकर अनिर्णय की स्थिति में थे कि 9/11 हमलों के मास्टरमाइंड को मार गिराया जाए या नहीं।\' किताब में कहा गया है कि जब ओसामा के खिलाफ कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जा रही थी तो ओबामा प्राय: इससे खुद को अलग ही रखते थे। राष्ट्रपति ने महत्वपूर्ण निर्णयों को तत्कालीन सीआइए निदेशक लियोन पेनेटा व रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स और विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन पर छोड़ दिया था।