22 February 2019



राष्ट्रीय
आज पानी में बह जाएगी दिल्ली
27-08-2012
दिल्ली वाले हो जाएं सावधान। आज शाम तक उनके शहर में बाढ़ तबाही मचा सकती है। हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से शुक्रवार को छोड़ा गया 2 लाख, 22 हजार क्यूसेक पानी सोमवार शाम तक दिल्ली पहुंचने की आशका है। ऐसा होने पर यमुना में बाढ़ आ सकती है और भारी तबाही मच सकती है। फिलहाल यमुना बाढ़ के खतरे से महज 50 सेंटीमीटर दूर है। दिल्ली सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग का कहना है कि एहतियात के तौर पर 50 बोट तैनात कर दी गई हैं। कई दिनों से हो रहे लगातार बारिश से दिल्ली, मुंबई, राजस्थान एवं उत्तराखंड सहित देश के कई राज्यों में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सोमवार सुबह 4 बजे से यमुना में पानी का स्तर बढ़ रहा है। सुबह सात बजे फ्लड कंट्रोल रूम के मुताबिक सुबह 7 बजे यमुना का जल स्तर 204.32 मीटर के स्तर को छू गया। 11 बजे यमुना में पानी का स्तर खतरे के निशान [204.83 मीटर] से आधा मीटर दूर था। कई निचले इलाकों में पानी भरने से आमजीवन अस्त-व्यस्त हो गई है। सड़कों पर ट्रैफिक जाम से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, यूपी में भी सिंचाई विभाग ने कहा है कि पानी का स्तर बढ़ता रहा तो गंगा खतरे के निशान को छू सकती है। हालांकि, वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने की रफ्तार कम हुई है, लेकिन पानी के बढ़ने का क्रम धीरे-धीरे जारी है। कल तक पाच सेंटीमीटर प्रति घटे की रफ्तार से बढ़ रही गंगा का जलस्तर अब दो सेंटीमीटर प्रति घटे की रफ्तार से बढ़ रही है। इलाहाबाद में यह रफ्तार घटकर तीन से दो सेंटीमीटर प्रति घटे तथा मीरजापुर में पाच से कम होकर तीन सेंटीमीटर प्रति घटे पर पहुंच गई। बनारस में पानी बढ़ने के कारण अस्सी से राजघाट के बीच घाटों का आपसी संपर्क टूटा गया है। मणिकर्णिका घाट स्थित चरणपादुका और मणिकर्णिका कुंड भी डूब गए हैं। वहीं, राजेन्द्र प्रसाद घाट स्थित मुक्ताकाशीय मंच पर भी पानी भर गया है। दशाश्वमेध घाट के शीतला माता मंदिर परिसर में भी पानी पहुंच गया है। वाराणसी में भी गंगा में बाढ़ की स्थिति बन गई है। बढ़ते पानी के चलते शहर के घाटों का आपस में संपर्क टूट गया है। गंगा आरती की जगह भी बदलनी पड़ी है।