19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
पहले ही मारा जा सकता था लादेन, लेकिन नहीं थी इजाजत
30-08-2012

ओसामा बिन लादेन की हत्या में शामिल अमेरिकी सील कमाडों की आने वाली किताब \'नो इज़ी डे-द आटोबायोग्राफी ऑफ ए नेवी सील\' में कई अहम् जानकारियां सामने आई हैं। ऐसे में एक पोलिश जासूस द्वारा लिखी गई किताब में भी कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पोलेंड में प्रकाशित इस किताब में लिखा गया है कि सेंट्रल इंटीलेजेंस एजेंसी अलकायदा प्रमुख लादेन को सन् 1999 में ही मारने वाली थी, लेकिन अधिकारियों की अनुमति नहीं मिलने के कारण उस वक्त लादेन को नहीं मारा गया। पोलिश जासूस एलेक्सेंडर माकोवस्की द्वारा लिखित इस किताब का नाम \'फेरेटिं आउट बिन लादेन\' है। यह किताब जून में प्रकाशित हुई थी और अभी तक इसका अंग्रेजी अनुवाद नहीं किया गया है। लंबे समय से यह कहा जा रहा था कि 9/11 हमले से पहले राष्ट्रपति क्लिंटन ओसामा को पकड़ने के कई अवसर चूक गए थे, जब वह अफगानिस्तान में रहते हुए आतंकवादी गतिविधियां संचालित कर रहा था। 9/11 के कुछ वर्ष बाद ओसामा पाकिस्तान में जा छुपा। यह खुलासा माकोवस्की की किताब में किया गया है। माकोवस्की की किताब में लिखा गया है कि सन् 1999 के अंत में एक एंटी-तालिबान गुरिल्ला समूह के नेता द्वारा ओसामा बिन लादेन को मारने की पेशकश भी की गई थी। ओसामा को मारने के बदले में वे 5 मिलियन डॉलर का ईनाम चाहते थे, जो कि लादेन पर रखा गया था। हालांकि, सीआईए द्वारा इस ऑफर को जल्दबाजी का कदम मानते हुए ठुकरा दिया गया था। मैकक्लैची न्यूज सर्विस को दिए इंटरव्यू में किताब के लेखक और जासूस माकोवस्की ने बताया कि हमें लादेन के कंधार ठिकाने की पूरी जानकारी थी। हमें यह भी मालूम था कि वह अपनी गतिविधियों के दौरान आने-जाने के लिए किस तरह के ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करता है। लेकिन सीआईए अधिकारियों ने उसे मारने की अनुमति नहीं दी इसलिए उन्होंने इस जानकारी के आधार पर कोई कदम उठाने से इंकार कर दिया। एक अन्य पोलिश अधिकारी ने मैकक्लैची को दिए इंटरव्यू में बताया \"हमने उन्हें लादेन की जानकारी उपलब्ध कराने का ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया।