24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
महंगी पड़ी एक गलती और वेश्यालयों के चंगुल में फंस गया देश
01-09-2012
एक दशक पहले नीदरलैंड्स ने इंसानो के अवैध व्यापार और अपराध को रोकने के लिए वेश्यावृत्ति को वैध बना दिया था. लेकिन अब ऐसा लगता है कि उस कदम का विपरीत असर हुआ है. एम्सटर्डम के मेयर का कहना है कि शहर का रेड लाइट इलाका मानव तस्करी का केंद्र बन गया है. अब कोशिश की जा रही है कि शहर में वेश्यालय कम किए जाएं और उन्हें नए कारोबारों में बदला जाए. एम्सटर्डम एक पुराना शहर है और यहां का बंदरगाह भी काफी पुराना है. 16वीं शताब्दी में शहर का परिचय एक ऐसी जगह के तौर पर होने लगा जहां नाविक आराम के लिए रूकते थे और मनोरंजन के लिए तट से थोड़ी ही दूर पर बसे रेड लाइट इलाके में टहलने के लिए जाते थे. एक दशक पहले वेश्यावृति को कानूनी इजाज़त दी गई ताकि ये काम चोरी छुपे न हो. उम्मीद थी कि इससे जुर्म कम होंगे लेकिन हुआ इसका उल्टा ही. अब नई योजना बनाई जा रही है जिसके तहत शहर के 40 फीसदी वेश्यालयों कों बंद करके उनकी जगह दूसरे व्यापार शुरु किए जाएंगे शहर में ये बदलाव लाने की जिम्मेदारी उपमेयर लुडविक ऐशर को सौंपी गई है. नए व्यवसायउपमेयर लुडविक शहर की रेडलाइट इलाके में एक ओर इशारा करते हुए कहते हैं, \"अगले हफ्ते यहां किताब की दुकान खुलेगी. एम्सटर्डम में यहां के कानून और खुली वेश्यावृति के चलते यहां मानव तस्करी बढ़ गई. हम कोशिश कर रहे हैं कि हालात को बदला जाए.\"एम्सटर्डम का रेड लाइट इलाका पर्यटकों के लिए शहर की सबसे लोकप्रिय और आकर्षक जगह है. तंग गलियों में पचास से ज्यादा \'सेक्स शॉप\' हैं जिनके बाहर कम कपड़ों में लड़किय़ां ग्राहकों को लुभाती हैं. इस तरह का काम कम करने की कोशिश की जा रही है. शहर की काउंसिल फैशन से जुड़े व्यापार शुरु करने के लिए इन महिलाओं को विशेष छूट दे रही हैं. शहर में किराया बहुत ज्यादा है, लेकिन अगर कोई महिला सेक्स शॉप को बंद करके फैशन की दुकान खोलना चाहती है तो उसे किराए में बड़ी रियायत दी जाएगी. रेड लाइट इलाके में फैशन पर काम करने वाली एक महिला रूबिया कहती हैं, \"एम्सटर्डम में जगह लेना बहुत मुश्किल काम है क्योंकि यहां किराया बहुत ज्यादा है. इस वजह से कई फैशन डिजाइनर शहर से दूर चले जाने को मजबूर होती हैं जबकि शहर का ये इलाका उनके लिए सबसे फायदेमंद रहता