19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
पाक सरकार की मनमानी, ‘सेव द चिल्ड्रन’ के कर्मियों को देश निकाला
07-09-2012
गैर-सरकारी संगठन ‘सेव द चिल्ड्रन’ के लिए काम कर रहे विदेशी कर्मचारियों को पाकिस्तानी अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर देश छोड़ कर जाने को कहा है। अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन-लादेन को खोजने में सीआईए की मदद करने वाला डॉक्टर इसी एनजीओ से जुड़ा हुआ था और पाकिस्तान के इस कदम को इसी से जोड़ कर देखा जा रहा है। ‘सेव द चिल्ड्रन’ के प्रवक्ता ने गुरुवार को मीडिया से कहा कि पाकिस्तान सरकार ने उसके छह विदेशी कर्मचारियों को देश छोड़कर जाने को कहा है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय की ओर से एक सप्ताह पहले जारी इस आदेश में देश निकाले की कोई वजह नहीं बताई गई है। मानवाधिकार समूहों के कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस कदम का संबंध पिछले वर्ष मई में एबटाबाद शहर में ओसामा के खिलाफ हुए अमेरिकी अभियान से हो सकता है। पाकिस्तान के खुफिया विभाग के अधिकारियों का दावा है कि ओसामा का पता लगाने में सीआईए की मदद करने वाले डॉक्टर शकील अफरीदी की अमेरिकी खुफिया विभाग से मुलाकात ‘सेव द चिल्ड्रन’ के कर्मचारियों ने ही कराई थी। हालांकि, एनजीओ ने इन दावों का खंडन किया है। यह एनजीओ तीन दशक से ज्यादा समय से पाकिस्तान में काम कर रहा है और देश में करीब दो हजार पाकिस्तानी उसके कर्मचारी हैं। ओसामा के खिलाफ अमेरिकी अभियान के बाद से विभिन्न सहायता एजेंसियों के लिए काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों पर प्रतिबंधों को बढ़ा दिया गया है।