19 February 2019



राष्ट्रीय
कोयले में हाथ काले और जी रहे राजशाही जीवन
10-09-2012
एक 10 सीटर बोम्बर्दिएर-जेट प्लेन, मुंबई में 75 करोड़ की कीमत का बंगला, फुकेत में बेटी की शाही शादी और नागपुर में करोड़ों रुपए का रियल स्टेट का धंधा.. इस तरह एक राजशाही जीवन व्यतीत कर रहे हैं विवादास्पद अभिजीत समूह के अध्यक्ष मनोज जयसवाल। जी हां, यह वहीं मनोज जयसवाल है जिनके हाथ कोयले ब्लॉक में काले हो चुके है और कहा तो यहां तक जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकारी से इनकी नजदीकियां है। जिसकी वजह से पार्टी सत्ता पक्ष को पूरी तरह से घेर नहीं पा रही है। अगर यह कहा जाए कि जयसवाल को पांच-पांच कोयले के आवंटन दिए गए तो यह आधी कहानी की तरह होगा। दरअसल, इनकी कंपनी लेवरागेद ने बिजली परियोजना ओं के नाम पर विभिन्न बैंकों से लगभग २२ हजार करोड़ का लोन भी ले रखा है। इतना है नहीं इसमें से 11 हजार करोड़ मार्केट में लगस दिया, जबकि अब तक यह प्रोजेक्ट ही निश्चित नहीं हुए थे, जहां यह पैसा इन्वेस्ट होना था। इसके चलते जिन्होंने यह पैसा लगाया वे मुश्किल में फंस सकते हैं, संभावित हानि के चलते। जानकारी के मुताबिक अभिजीत समूह मासिक वेतन और ब्याज पर हर महीने लगभग 100 से 110 करोड़ रुपए खर्च कर रहा है। अभिजीत ग्रुप की बेवसाइट पर उल्लेख है कि उन्होंने झारंखड, महाराष्ट्र, बंगाल और बिहार में ५क्क्क् हजार मेगावाट के ताप विद्युत संयंत्र स्थापित किए। विशाखापट्नम में 180 एमवीए की एक निर्यात आधारित मैंगनीज मिश्र धातु का निर्माता बनने के बाद यह भारत की सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। इतना ही नहीं यहां भी 50 मेगावाट का पावन प्लांट स्थापित किया गया है। लेकिन 271 मेगावाट के मिहान प्लांट को छोड़कर कोई भी परियोजना धरातल पर नहीं है। जबकि कंपनी 11 हजार करोड़ रुपए वितरित कर चुकी है।