16 February 2019



राष्ट्रीय
एक महीने तक बेटी को बचाने मां लुटाती रही आबरू
12-09-2012
उप्र के लखीमपुर जिले से अगवा महिला एक महीने तक बच्ची को बचाने के लिए अपनी आबरू लुटाती रही। मुंबई ले जाते समय ट्रेन में यात्रियों की मदद से वह अपहरणकर्ताओं से मुक्त हो गई। लखीमपुर खैरी निवासी महिला और उसकी दूधमुंही बच्ची को वेश्यावृत्ति के लिए बेड़िया गिरोह के सदस्य बेचने के लिए मुंबई ले जा रहे थे। महिला इलाहाबाद ग्रामीण बैंक में एजेंट है। उसका पति कृषक है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में ऑफिस से घर जाते समय मीना नाम की महिला ने उसे रोक लिया। सुनील और बबलू उसे जीप में बैठाकर आगरा ले गए। मीना ने बच्ची को अपने पास रख लिया। महिला को एक महीने तक दूसरे कमरे में रखकर मारा पीटा गया। कई लोगों को उसके पास भेजा, जिन्होंने उसके साथ ज्यादती की। महिला ने बताया कि आरोपियों ने बच्ची को मार डालने की धमकी दी थी, जिससे वह विरोध नहीं कर पाई। होशंगाबाद निवासी योगेश शर्मा और महेश चौकसे ने बताया कि वे पंजाब मेल ट्रेन से भोपाल से होशंगाबाद आ रहे थे। उक्त महिला दौड़ती आई और बच्ची को बचाने की गुहार की। यात्रियों ने बच्ची को आरोपियों से ले लिया। होशंगाबाद में जीआरपी तीनों आरोपियों को थाने ले गई।