19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
अनुवांशिक बीमारी से हुई थी तूतनखामन की मौत
14-09-2012
मिस्त्र के राजा तूतनखामन और उसके पूर्ववर्ती अनुवांशिक बीमारी के शिकार हुए थे। इसी बीमारी के कारण सभी राजाओं का शारीरिक ढांचा महिलाओं की तरह था। उनके कूल्हे चौड़े थे और सीना असाधारण रूप से बड़े हो गए थे। हाल ही में हुए एक शोध में यह दावा किया गया है। ब्रिटेन के सर्जन ह्यूंटन अशराफियां ने तूतनखामन की युवावस्था में हुई मौत के रहस्यों को खोलने का दावा किया है। यह एक ऐसा रहस्य है जिससे इतिहासकार और पुरातत्वविद् कई दशकों से जूझ रहे हैं। द डेली मेल अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, \'लंदन के इंपीरियल कॉलेज के अशराफियां के मुताबिक, तूतनखामन और उसके पूर्ववर्ती राजाओं की मौत युवावस्था में हो गई थी। सभी का शारीरिक ढांचा महिलाओं जैसा था। तूतनखानम के बड़े भाई समेनखाकर और उनके पिता अखेनातेन को तस्वीरों में चौड़े कूल्हों, सीने के साथ चित्रित किया गया है।\' उन्होंने जोर देते हुए कहा है कि ये सभी राजा वंशानुगत बीमारी से मरे थे। अशराफियां के दावों को उन तथ्यों से भी बल मिला है, जिसमें कहा गया है कि अखेनातेन के पहले के दो राजाओं अमेनहोटेप-3 और थुमोसिस-4 की शारीरिक बनावट भी एक जैसी थी। राजा तूतनखामन का मकबरा वर्ष 1922 में खोजा गया था, जिसके बाद से उसकी युवावस्था में मौत पर रहस्य बरकरार है। पुरातत्वविद् और इतिहासकार अब तक तूतनखामन की मौत का कारण सांप के काटने, कुष्ठ, टीबी, एनीमिया जैसी बीमारियों को मानते रहे हैं। अशराफियां के मुताबिक, मिस्त्र के ये राजा टेम्पोरल लोब एप्लेप्सी नामक एक अनुवांशिक बीमारी से पीड़ित थे।