17 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
चीन में बढ़ा अस्थिरता का खतरा
17-09-2012
चीन में अमीर और गरीब के बीच खाई खतरनाक स्तर तक बढ़ गई है। नतीजतन, उसके अस्थिर होने का खतरा कई गुना ज्यादा हो गया है। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर अर्बन डेवलपमेंट की एक रिपोर्ट में यह आशंका जताई गई है। सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने यह रिपोर्ट प्रकाशित की है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब चीन में नए नेता के चुनाव के लिए कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक होने जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने आर्थिक सुधार और खुलेपन की नीतियों के कारण शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन इसके साथ अस्थिरता का खतरा भी बढ़ा है। अमीर और गरीब के बीच फासला बढ़ रहा है। सरकारी अधिकारी और आम जनता के हितों में विरोधाभास बढ़ते जा रहे हैं। आर्थिक सुधारों ने सरकारी अधिकारियों और उद्यमियों को तो फलने-फूलने का मौका दिया लेकिन करोड़ों आम जन को बेहद मामूली आमदनी पर गुजर-बसर करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि अगले कुछ हफ्ते के दौरान चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं कांग्रेस का आयोजन होना है। इसमें राष्ट्रपति हू जिंताओ की जगह नए नेता के चुनाव के साथ ही अगले पांच साल के लिए नीतिगत दिशानिर्देशों को भी अंतिम रूप दिया जाएगा।