22 February 2019



प्रादेशिक
कैलाश के खिलाफ मैदान मे उतरी कल्पना
18-09-2012

उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। खासतौर पर इंदौर का पेंशन घोटाला उनके लिए गले की हड्डी बनता जा रहा है। उनके मुख्यमंत्री बनने के मार्ग में भी यह घोटाला सबसे बड़ी बाधा बना और अब कांग्रेस की तेज तर्रार विधायक कल्पना परुलेकर ने राज्यपाल से यह मांग कर दी है कि जब तक वे कैलाश के खिलाफ पेंशन घोटाले में चालान पेश करने की अनुमति लोकायुक्त को नहीं देंगे तब तक वे अपना आंदोलन बंद नहीं करेंगी।कांग्रेस की फायरब्रांड विधायक कल्पना परुलेकर के तेवर कुछ खास तीखे हैं। इनमें एक वजह यह भी है कि मध्यप्रदेश विधानसभा में जब वे और राकेश चौधरी दोनों मिलकर दिलीप सूर्यवंशी के घोटालों के खिलाफ आवाज उठा रहे थे तब बीजेपी के कुछ लोगों ने उन्हें विधानसभा से बाहर का रास्ता दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी इनमें कैलाश विजयवर्गीय की भूमिका भी बेहद अहम थी। विधानसभा में अपनी वापसी के बाद से ही वे काफी मुखर हैं औऱ भ्रष्टाचार के मामले में फंसे कैलाश विजयवर्गीय के पीछे हाथ धोकर पड़ गई हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस के ही कुछ नेता कैलाश से मिले हुए हैं। इस मामले में वे राज्यपाल रामनरेश यादव से भी मिली हैं औऱ उन्होंने उनसे आग्रह किया है कि वे लोकायुक्त को परमीशन दें कि इंदौर पेंशन घोटाले में वे कैलाश के खिलाफ चालान पेश हो जैसा कि दिग्विजय सिंह शासनकाल में राज्यपाल डा.भाई महावीर ने किया था। तब दो मंत्रियों राजेन्द्र सिंह औऱ बीआर यादव को मंत्रीपद से हाथ धोना पड़ा था। कल्पना की दलील इतनी सीधी है कि उससे बीजेपी तो बीजेपी कांग्रेस के नेता भी असमंजस में हैं। जाहिर है कल्पना भ्रष्टाचार को अगले विधानसभा चुनावों में प्रमुख मुद्दा बनाएंगी। कल्पना परुलेकर के अलावा अन्य कांग्रेसजनों का भी मानना है कि जब बीजेपी के एक मंत्री के खिलाफ लोकायुक्त संगठन को पूरे सुबूत मिल चुके हैं तो फिर क्या वजह है कि कांग्रेसी नेता एक जुट होकर आंदोलन नहीं कर रहे हैं । केंद्र में भी तो बीजेपी ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कलमाड़ी औऱ राजा जैसे मंत्रियों की बलि ले ली तो यहां भी कांग्रेस को बीजेपी के खिलाफ सख्ती से आंदोलन चलाने की जरूरत है। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि कैलाश न केवल इंदौर पेँशन घोटाले में बल्कि इंदौर के सुगनी देवी जमीन घोटाले तथा सिंहस्थ घोटाले में भी शामिल हैं तो फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह उनके के खिलाफ कार्ऱवाई क्यों नहीं करते।  कांग्रेसी नेता इस मामले में काफी मुखर हैं। उन्होंने राज्यपाल रामनरेश य़ादव से भी यही मांग की है। राज्यपाल ने आंदोलनकारियों को शीघ्र कार्रवाई के लिए आश्वासन दिया है। भ्रष्टाचार के आऱोप में घिरे कैलाश विजयवर्गीय के लिए कलपना का आंदोलन नई मुसीबत बन गया है देखना है कि राज्यपाल रामनरेश यादव व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, कैलाश के पेंशन घोटाले के मामले में क्या कदम उठाते हैं।