15 February 2019



राष्ट्रीय
महंगाई, भ्रष्‍टाचार से लड़ने का भी फार्मूला दे गए हैं गांधी
02-10-2012
नई दिल्ली. 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती। 2 अक्टूबर, 1869 को पोरबंदर में मोहनदार करमचंद गांधी का जन्‍म हुआ था।  देश की आज़ादी के नायक गांधी को आज पूरा देश याद कर रहा है। लेकिन क्‍या गांधी केवल जन्‍मदिन पर याद करने लायक रह गए हैं? उनके सिद्धांतों का क्‍या कोई मतलब नहीं रह गया है? गांधी सिर्फ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ही नहीं थे, वे \'संत\' थे, दार्शनिक थे। उनके विचार अंग्रेजों से लड़ते हुए भारत के लिए जितने अहम थे, उतने ही आज के भारत के लिए भी अहम हैं। आज देश भ्रष्टाचार, महंगाई, सामाजिक और आर्थिक गैरबराबरी जैसी बड़ी समस्‍याओं से जूझ रहा है। गांधी के विचारों पर चलते हुए इन समस्‍याओं से \'मुक्ति\' पाया जा सकता है। जानते हैं.