16 February 2019



खेलकूद
जब दिल कहेगा, तभी लूंगा संन्यास: सचिन
05-10-2012
 23 सालों से भारतीय क्रिकेट के सिरमौर बने मास्‍टर ब्‍लास्‍टर ने नवंबर में खेल की समीक्षा करने की बात कही है। इस समीक्षा के बाद ही संन्यास को लेकर उनका अंतिम फैसला आ सकता है। तेंडुलकर ने पहली बार स्वीकार किया है  कि 39 साल की उम्र में उनके भीतर बहुत ज़्यादा क्रिकेट नहीं बचा है। तेंडुलकर ने कहा है कि नवंबर में समीक्षा कर अपने क्रिकेट भविष्य को लेकर फैसला करेंगे। इस साल 16 मार्च को शतकों का महाशतक (पढ़ें, महाशतक और सचिन के बारे में सब कुछ) बनाने वाले सचिन ने टीवी चैनल \'टाइम्‍स नाउ\' को दिए इंटरव्यू में  संन्यास के मुद्दे पर तेंडुलकर ने कहा, \'दो तरह की बातें हैं। एक बात है मुझे क्या लगता है और मैं कितने रन बनाता हूं। अगर मैं 25 साल की उम्र में लगातार तीन बार बोल्ड हुआ होता तो कोई भी संन्यास का सवाल नहीं उठाता। लेकिन 39 साल की उम्र में ऐसा होने पर संन्यास की बात उठना बहुत ही स्वाभाविक है। मेरे शरीर और दिमाग की क्या स्थिति है, इसका सबसे अच्छा जज अब भी मैं ही हूं। संन्यास का फैसला मेरे लिए बहुत कठिन होगा। क्योंकि मैंने इसी खेल के साथ जिंदगी जी है। अभी मेरा दिल कहता है कि मैं अच्छा कर सकता हूं। लेकिन अब मुझे सीरीज दर सीरीज समीक्षा करनी होगी। मुझे जब तक लगता है कि मैं अच्छा खेल सकता हूं, तब तक खेलता रहूंगा। यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि टीम की क्या रणनीति है।\' (टी-20 वर्ल्‍ड कप के फाइनल में पहुंचा श्रीलंका)