19 February 2019



राष्ट्रीय
कंपनियों में युवतियों के लिए कानून का पहरा
10-10-2012
गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ऐसी कंपनियों के लिए दिशा-निर्देश बनाने का फैसला किया है जहां 18 से 25 साल की युवतियां काम करती हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने महिला आयोग को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द ऐसे क्षेत्रों की पहचान करे, जहां युवतियां सबसे ज्यादा नौकरी करने के लिए उत्सुक रहती हैं। अगले तीन महीनों में नए निर्देश तैयार होने की उम्मीद है। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य शमीना शफीक ने भास्कर से बातचीत में कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने आयोग से युवतियां के लिए खास तौर पर दिशा-निर्देश तैयार करने को कहा है। नए निर्देश ऐसे कंपनियों और क्षेत्रों में लागू होंगे जहां नौकरी की न्यूनतम योग्यता 12वीं कक्षा है और जहां 18-25 साल तक की लड़कियां सबसे ज्यादा काम करती हैं। शमीना ने बताया कि आयोग ने ऐसे स्थानों की निशानदेही शुरू कर दी है। अगले तीन महीनों में नए दिशा-निर्देश तैयार कर महिला व बाल विकास मंत्रालय को सौंप दिया जाएगा। नए दिशा-निर्देश उन सभी कंपनियों में अनिवार्य रूप से लागू करना होगा जहां इस उम्र की युवतियां काम करती हैं या उनकी संख्या ज्यादा है।