17 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्‍तान: 14 साल की लड़की के पीछे पड़ा तालिबान
10-10-2012
 पाकिस्तान में तालिबान के खिलाफ आवाज उठा कर दुनिया भर में \'हीरो\' बन चुकीं 14 साल की मलाला युसुफजई अब खतरे से बाहर हैं। बुधवार को पेशावर के एक अस्‍पताल में डॉक्‍टरों ने उनका ऑपरेशन कर सिर से गोली निकाल दी। डॉक्‍टरों का कहना है कि अब उसकी हालत स्थिर है लेकिन खतरा अब भी बना हुआ है। उन्‍हें मंगलवार को तालिबान आतंकियों ने गोली मार दी थी। मलाला ने तालिबान के फरमान के बावजूद लड़कियों को शिक्षित करने का अभियान चला रखा है। तालिबान आतंकी इसी बात से नाराज होकर उन्‍हें अपनी हिट लिस्‍ट में ले चुके हैं। मंगलवार को दिन में करीब सवा 12 बजे स्वात घाटी के कस्बे मिंगोरा में स्‍कूल से लौटते वक्‍त उन पर आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले की जिम्‍मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने ली। साथ ही, धमकी दी कि अगर मलाला बच गई तो उस पर दोबारा हमला करेंगे।