24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
नीलम' के असर से बाढ़, लाखों लोग परेशान
05-11-2012
तूफान \'नीलम\' का असर अब भी खत्‍म नहीं हुआ है। आंध्र प्रदेश में \'नीलम\' की वजह से हो रही भारी बारिश के कारण लाखों लोग परेशान है। करीब 40 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। बीते चार दिन में 22 लोगों की मौत भी हो चुकी है। कई छोटी नदियों के उफान पर आने से कई गांवों एवं शहरों में पानी घुस गया है। उधर, अमेरिका में तूफान सैंडी (तस्‍वीरें) के गुजरने के बाद भले ही हालात अब काबू में आने लगे हों लेकिन एक और तूफान की आशंका से पूरा देश एक बार फिर कांप गया है। अभी तक इस तूफान का नाम और आने का समय तय नहीं है लेकिन अगले एक सप्‍ताह में यह कहर बरपा सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि इस तूफान के कारण तटीय अमेरिका में तेज आंधियां चलेंगी। जोरदार वर्षा के साथ समुद्र में ऊंची लहरें पैदा हो सकती हैं। 50 मील प्रतिघंटे के हिसाब से तेज हवा भी चल सकती है। (तबाही के ये मंज़र छोड़ गया तूफ़ान!) इससे पहले सैंडी तूफान के कारण न्यूयॉर्क सहित कई शहरों में तबाही फैल गई थी।  सैंडी के कारण अमेरिका में करीब 2.7 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। लाखों घरों में बिजली, पानी की आपूर्ति ठप हो गई थी। संचार और यातायात व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई थी। अमेरिका के 108 साल के इतिहास में सैंडी सबसे भयावह तूफान था। इसमें 145 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इससे 17 राज्‍यों के पांच करोड़ लोग प्रभावित हुए। करीब 82 लाख घरों और प्रतिष्ठानों की बिजली कट गई। लगभग 10 लाख से अधिक लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। विभिन्न हवाई अड्डों से आने-जाने वाली 18 हजार से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। सबसे ज्‍यादा न्यूयॉर्क, न्यूजर्सी, नॉर्थ कैरोलिना, वेस्ट वर्जीनिया, फेयरफील्ड, पेनसिल्वेनिया, मेरीलैंड, कनेक्टिकट व बोस्टन प्रभावित हुए। न्यूयॉर्क को न्यूजर्सी से जोडऩे वाली रेल सेवा 10 दिन तक बंद रह सकती है। एक अनुमान के मुताबिक, तूफान के बाद मलबे को हटाने पर 1.6 लाख करोड़ रुपए की लागत आएगी।