18 February 2019



प्रादेशिक
गर्भवती महिलाओं से अमानवीय व्यवहार, बीच रास्ते में डिलेवरी
05-11-2012
जिले में संस्थागत प्रसूति तो बढ़ी हैं, पर कई गर्भवती महिलाएं ऐसी भी हैं, जिन्हें प्र्रसूति के लिए संस्थाओं में पहुंचने के बाद भी उचित स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाया है। हर दिन ऐसे अनेक मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें गर्भवती महिलाएं प्रसूति के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भटकाई जाती हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है कि रात के समय अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं अधिकतर केन्द्रों में चौपट हैं। संस्था प्रमुख के जाने के बाद स्वास्थ्य कर्मचारी और डॉक्टर बेकाबू हो जाते हैं और परेशानी गरीब गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारजनों को उठाना पड़ती है।