19 February 2019



राष्ट्रीय
जानिए.. पूजा का शुभ मुहूर्त, ताकि बनी रहे 'लक्ष्मी' की कृपा
12-11-2012
दीपावली के दिन मा लक्ष्मी व भगवान गणेश की पूजा स्थिर लग्न में करना बेहद शुभ माना गया है। कुंभ, वृष व सिंह लग्न को स्थिर माना जाता है। स्थिर लग्न में पूजा करने वाले भक्तों पर मा लक्ष्मी व गणेश की कृपा हमेशा बनी रहती है। आचार्य पंडित विनोद झा वैदिक एवं सिया बिहारी कुंज ठाकुरबाड़ी के महंत पं. नागेंद्र दास ने कहा कि दीपावली के दिन मा लक्ष्मी एवं गणेश की पूजा सुबह से लेकर देर रात तक की जा सकती है। लेकिन वेदशास्त्रों के अनुसार स्थिर लग्न में लक्ष्मी व गणेश की पूजा करना बेहद शुभ माना गया है।

कुंभ लग्न की अवधि

मध्याह्न 12.30 से अपराह्न 2.09 तक

वृष लग्न की अवधि

अपराह्न 5.16 से लेकर रात्रि 7.12 तक

सिंह लग्न की अवधि

रात्रि 11.44 से लेकर 1.58 तक

पूजन सामग्री

मा लक्ष्मी व गणेश की प्रतिमा, माला, वस्त्र, प्रसाद, अक्षत, चंदन, सुपारी, पान, मौली, घी, कपूर, लौंग, इलायची, दीप, धूप आदि।

ऐसे करें महालक्ष्मी पूजन

महालक्ष्मी पूजन कैसे हो इसके लिए ऋग्वेद के श्रीसूक्त में विधान किया गया है। बीज मंत्र है ॐ स्त्रीं ह्रीं श्री कमले कमलालयी प्रसीदा-प्रसीदा महालक्ष्मी नमो नम:। उत्तराखंड के आचार्य डॉ. संतोष खंडूड़ी के अनुसार दीपावली को 11 प्रकार से आठ सिद्धियों की पूजा होती है। मुख्यत: कमलगट्टा, धूप, दीप, नैवेद्य, ऋतुफल, खील-बताशे, पकवान, सुपारी, पान के पत्ते को महालक्ष्मी को अर्पित किया जाता है। साथ ही पानी वाला नारियल चढ़ाया जाता है।