19 February 2019



खेलकूद
पुजारा और ओझा के दम पर भारत को मिली बड़ी जीत
19-11-2012
 फिरकी गेंदबाज प्रज्ञान ओझा [4 विकेट] और तेज गेंदबाज उमेश यादव [3 विकेट] के दम पर 5ारत ने पहले टेस्ट के पांचवें दिन कल के नाबाद बल्लेबाजों कप्तान एलिस्टर कुक [176] और मैट प्रायर [91] को आउट करने के बाद इंग्लैंड की दूसरी पारी लंच से पूर्व 406 रनों पर समेट दी। इसके बाद 77 रनों के मिले लक्ष्य को 5ारत ने वीरेंद्र सहवाग का विकेट 2ाोकर आसानी से हासिल कर लिया। इस जीत के साथ ही भारत ने चार मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। मेजबान टीम ने दूसरी पारी में एक विकेट पर 80 रन बनाए जिसमें चेतेश्वर पुजारा ने अविजित 41 रनों की पारी खेली और अंत तक नाबाद रहे। इंग्लैंड की दूसरी पारी में कप्तान कुक ने मैट प्रायर के साथ 157 रनों की बेजोड़ साझेदारी करने से पूर्व ओपनर निक कांप्टन [37] के साथ भी पहले विकेट के लिए 123 रनों की साझेदारी की थी। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पुजारा [नाबाद 206] और वीरेंद्र सहवाग [117] के शतकों के दम पर पहली पारी आठ विकेट पर 521 रन बनाकर घोषित की। जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 191 रन पर सिमट गई। जिसमें प्रज्ञान ओझा ने पांच विकेट चटकाए थे। दूसरी पारी में इंग्लैंड ने फालोआन खेलते हुए 406 रन बनाए। ओझा ने इस मैच में कुल नौ विकेट झटके। आसान लक्ष्य की पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने वीरेंद्र सहवाग के साथ चेतेश्वर पुजारा [नाबाद 41] को ओपनिंग के लिए भेजा। नियमित ओपनर गौतम गंभीर आज ओपनिंग करने नहीं उतरे। दोनों बल्लेबाजों ने आतिशी बल्लेबाजी करनी शुरू की और 9.5 ओवर में 57 रनों की साझेदारी कर डाली। हालांकि सहवाग ग्रीम स्वान की गेंद पर छक्का जमाने के प्रयास में लांग आन पर पीटरसन के हाथों लपके गए। सहवाग ने 21 गेंदों में 25 रन [1 चौका व 1 छक्का] बनाए। दूसरी ओर, पहली पारी में दोहरा शतक लगाने वाले पुजारा ने आज तेज बल्लेबाजी की और विराट कोहली [नाबाद 14, 3 चौका] के साथ मैच खत्म कराया। पुजारा दोनों ही पारियों में नाबाद रहे और उन्हें मैन आफ द मैच चुना गया। इससे पूर्व तीन दिन से बल्लेबाजी कर रहे कुक ने आज भी मैट प्रायर [91] संग भारत के खिलाफ पांचवें दिन की सधी शुरुआत कराने के बाद इंग्लैंड को हार के संकट से काफी दूर ले जाने के अभियान में लगे हुए थे। लेकिन ओझा ने प्रायर को अपनी ही गेंद पर कैच आउट कर भारत की जीत की राह फिर खोल दी। दोनों बल्लेबाजों ने छठवें विकेट के लिए 157 रनों की साझेदारी की। इसके बाद ओझा ने कुक को भी अपना शिकार बनाया। कुक तीन दिन से बल्लेबाजी कर रहे थे और आज दोहरे शतक के बेहद नजदीक पहुंच गए थे लेकिन ओझा की एक बेहतरीन गेंद खेलने से चूक गए और बोल्ड हो गए। कुक ने 374 गेंदों का सामना करते हुए 21 चौके लगाए। जबकि महज नौ रन से अपना शतक चूकने वाले प्रायर ने 225 गेंदों का सामना किया। कुक के बाद स्टुअर्ट ब्रॉड [3] को उमेश ने काटएंडबोल्ड कर चलता किया। उमेश की पारी में यह तीसरी सफलता रही। ब्रॉड के बाद टिम ब्रेसनन [20] ने ग्रीम स्वान [17] के साथ तेजी से खेलते हुए टीम का स्कोर चार सौ के पार पहुंचाया। अश्विन ने दूसरी पारी में पहली सफलता हासिल करते हुए स्वान को बोल्ड कर दिया। अंतिम सफलता जहीर को मिली। उन्होंने ब्रेसनन को कवर में कैच आउट कराया। पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन के स्टंप तक इंग्लैंड ने पांच विकेट पर 340 रन बनाए थे। इंग्लैंड को पारी की हार से बचाने में कुक और प्रायर के बीच हुई शतकीय साझेदारी ने अहम भूमिका निभाई। प्रज्ञान ओझा ने चार, उमेश यादव ने तीन और जहीर खान दो व आर अश्विन ने एक विकेट हासिल किया।