16 February 2019



राष्ट्रीय
अनुशासनहीनता के आरोप में 25 काग्रेसी बाहर
20-11-2012
हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने बागियों के खिलाफ तलवारें भले ही म्यान से न निकाली हों लेकिन काग्रेस में वीरभद्र सिंह ने पार्टी विरोधियों का हिसाब करना शुरू कर दिया है। पार्टी से अनुशासनहीनता के नाम पर दो ऐसे लोगों की छह सालों के लिए छुट्टी हुई है जो चुनावों में टिकटों के दावेदार थे। धर्मशाला, शिमला [शहरी व ग्रामीण], रामपुर, रोहडू व सुलह से 25 लोगों को पहली खेप में वीरभद्र सिंह ने बाहर का रास्ता दिखाया है। धर्मशाला से मनोज कुमार व रामपुर से सिंघी राम को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। अभी तो चुनाव के बाद का चाबुक उन पाच विधानसभा हलकों में चला है जहा वीरभद्र के खास लोग प्रत्याशी थे और कौल सिंह के लगातार बयानों के मार्फत वीरभद्र सिंह पर अप्रत्यक्ष प्रहारों के चलते राजा ने निष्कासन करके जवाब दिया है। धर्मशाला से सुधीर शर्मा, रोहडू से मोहन लाल, शिमला से हरीश जनार्था, शिमला ग्रामीण से स्वयं वीरभद्र सिंह, और रामपुर से नंद लाल, राजा समर्थक प्रत्याशी थे। चुनावों के बाद मिली शिकायतों के बाद वीरभद्र सिंह का यह कदम काग्रेस में विरोधी खेमे के लिए करारा झटका है। वहीं काग्रेस कार्यालय से सूचित किया गया है कि हिमाचल प्रदेश काग्रेस अध्यक्ष वीरभद्र सिंह ने ब्लॉक काग्रेस कमेटियों, जिला काग्रेस कमेटियों व पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों की शिकायतों के बाद जिन्होंने हाल ही में विधानसभा चुनाव में पार्टी विरोधी कार्य किया है, उन नेताओं को पार्टी से छह वर्षो के लिए निष्कासित कर दिया है। निष्कासित नेताओं में धर्मशाला विस क्षेत्र से मनोज कुमार गद्दी, नवनीत ठाकुर, बलदेव चौधरी, सुलाह विधानसभा क्षेत्र से संजय राणा, प्रधान सिंह, अमन सूद, रतन सिंह, रामपुर विधानसभा क्षेत्र से सिंघी राम, दर्शन दास ठाकुर, इंदर दास मेहता शामिल हैं। बयानबाजी से बचें पार्टी के नेता शिमला [तारा सिंह]। हिमाचल में काग्रेस के कुछ नेता सुर्खियों में रहने की खातिर बयानबाजी कर रहे हैं। इससे कोई फायदा होने वाला नहीं है। पार्टी में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरभद्र सिंह ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा, प्रदेश काग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ठाकुर कौल सिंह मीडिया के माध्यम से क्या बयानबाजी कर रहे हैं उस पर तो वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगे लेकिन संगठन को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए पार्टी में अनुशासनहीनता कतई बर्दास्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जो भी नेता या कार्यकर्ता पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ पार्टी संविधान के अनुसार कार्रवाई में गुरेज नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ अपने ही लोगों द्वारा काम करने की शिकायतें मिल रही हैं। इस पर पहले ही कई लोगों को काग्रेस से निलंबित किया जा चुका है जबकि अन्य के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है।