17 February 2019



प्रादेशिक
100 किमी. की रफ्तार के बीच आग की लपटों में दिख रही थी मौत
01-12-2012
 रात के लगभग डेढ़ बज चुके हैं.. चेन्नई से दिल्ली जा रही जीटी एक्सप्रेस के एसी कोच बी-वन में अधिकांश यात्री सो रहे हैं। तभी बोगी में अचानक से कुछ लोगों ने धुआं उठते देखा। देखते ही देखते ये धुआं आग की लपटों में बदल गया। बोगी के अंदर फंसे लोग चीख रहे थे। उन्हें आग की लपटों में मौत का मंजर नजर आ रहा था। दहशत की ये घटना गुरुवार-शुक्रवार की रात लगभग डेढ़ बजे सिथौली स्टेशन के पास की है।  बोगी में आग लगते ही लोग मदद की पुकार लगाने लगे। कुछ लोग जान बचाने के लिए चलती ट्रेन से कूद पड़े। इस घटना के कारण कई लोगों का सामान कहीं छूट गया तो कइयों का सामान जलकर राख हो गया। वहीं ग्वालियर स्टेशन पर घटना से बेखबर यात्री ठंड भरी रात में ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। सागर  से आए वैज्ञानिक: घटना की जांच के लिए शुक्रवार को सागर फॉरेंसिक लैब से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक आलोक माथुर और स्थानीय वरिष्ठ वैज्ञानिक अखिलेश भार्गव ने बोगी का निरीक्षण किया। अधिकारी रात में किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे थे इनका कहना था कि शनिवार सुबह एक बार फिर निरीक्षण किया जाएगा।