24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
पगड़ी पहनने की इजाजत के बाद भी कम नहीं हुई सिख सैनिक की परेशानी
03-12-2012
पगड़ी पहनने की इजाजत मिलने के बाद भी ब्रिटिश सेना के एक सिख सैनिक की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। अब सिर के बाल और दाढ़ी कटाने से इन्कार करने के कारण उन्हें अपने सहयोगियों के बीच उपहास का पात्र बनना पड़ रहा है। 25 वर्षीय गुरदासमान जतिंदरपाल सिंह भुल्लर इसी साल ब्रिटिश स्टॉक गार्ड में शामिल हुए हैं। वर्षो की परंपरा को तोड़ते हुए सेना के अधिकारियों ने उन्हें बकिंघम पैलेस से बाहर और सैन्य समारोहों के दौरान बीयरस्किन (एक तरह की फरदार टोपी) की जगह पगड़ी पहनने की इजाजत दे दी थी। लेकिन भुल्लर के साथियों के बीच यह फैसला विवाद का मुद्दा बन गया है। अखबार \'द डेली मेल\' की रिपोर्ट के मुताबिक,\' भुल्लर को अपनी पगड़ी और सिर के बाल व दाढ़ी कटवाने से इन्कार करने पर साथी सैनिकों के मजाक का सामना करना पड़ रहा है। भुल्लर इस समय स्टॉक गार्ड की एफ कोमपेन के सदस्य हैं। सार्वजनिक स्थलों और महारानी की सुरक्षा \'एफ कोमपेन\' की ही जिम्मेदारी है।\' सैन्य सूत्रों के मुताबिक, भुल्लर अगले सप्ताह पहली बार परेड में शामिल होंगे और पगड़ी पहनेंगे। स्काट्स गार्ड में साथियों का कहना है कि भुल्लर को इस तरह की इजाजत देकर वर्षो पुरानी परंपरा को भुला दिया गया है। भुल्लर का विरोध करने वालों को रेजिमेंट के वरिष्ठ सदस्यों का समर्थन मिल रहा है।