19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
मुर्सी का जनमत संग्रह में जीत का दावा
17-12-2012
राष्ट्रपति मुहम्मद मुर्सी के सहयोगियों ने दावा किया है कि मिस्त्र की जनता ने जनमत संग्रह के दौरान संविधान के नए मसौदे के पक्ष में वोट दिया है। विपक्ष ने मतदान में धांधली और अनियमितताओं का आरोप लगाया है। जनमत संग्रह में लोगों से पूछा गया था कि वे अगले साल होने वाले चुनाव से पहले संविधान के मूल ढांचे में बदलाव का समर्थन करते हैं या नहीं। मुस्लिम ब्रदरहुड पार्टी के सदस्यों ने दावा किया है कि शनिवार को पहले चरण के मतदान में जनता ने संविधान के नए मसौदे का समर्थन किया है। खबरों में बताया गया है कि 61 प्रतिशत लोग नए संविधान के पक्ष में हैं, जबकि 38.7 फीसद विरोध में। जनमत संग्रह में 58 फीसद मतदाताओं ने वोट डाले। मतदान का अगला चरण 22 दिसंबर को होगा। सरकार का यह कदम विवादों से भरा हुआ है। \'इजिप्ट इंडिपेंडेंट\' अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी काइरो में 57 फीसद लोगों ने संविधान के मसौदे का विरोध किया था। नॉर्थ शिनाई, साउथ शिनाई, सोहाग, शर्किया और आसवान में मसौदे को 60 फीसद से अधिक का समर्थन मिला है। होस्नी मुबारक शासन के पतन के बाद मिस्त्र करीब दो वर्षो से अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। देश की संविधान सभा ने 30 नवंबर को संविधान के नए मसौदे को स्वीकृति दी थी। इसमें इस्लामिक मूल्यों को प्रधानता दी गई है। उदारवादी इसे अभिव्यक्ति और धार्मिक स्वतंत्रता के मार्ग में बाधा खड़ी करने का प्रयास बता रहे हैं।