16 February 2019



राष्ट्रीय
नीतीश ने खुद को किया पीएम पद की रेस से बाहर!
18-12-2012
आगामी लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर नरेंद्र मोदी की मजबूत होती दावेदारी के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को अपने को इस दौड़ से लगभग बाहर करते हुए कहा कि बड़े दल के नेता को ही प्रधानमंत्री बनना चाहिए। पटना के एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित जनता दरबार के बाद पत्रकारों से बात करते हुए नीतीश ने कहा कि मैं खुद कहता रहा हूं कि गठबंधन के बड़े दल का नेता ही प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार हो। उनसे राजग में प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी को ले चल रही जुबानी जंग के बारे में पूछा गया था। यह भी कि भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने तो कहा है कि आप [नीतीश कुमार] राजग के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं हो सकते हैं। नीतीश बोले-वे मेरी ही बात कह रहे हैं। नीतीश ने कहा कि हम न तो बिहार के आगे सोचते हैं, न देखते हैं। यहां के लोगों ने जो काम दिया है, उसी में लगे हैं। मैं तो हमेशा से कहता रहा हूं कि गठबंधन में बड़े दल के नेता को प्रधानमंत्री बनना चाहिए। हम तो छोटे दल के हैं, हम कैसे बनेंगे? रविशंकर जी तो हमारी ही बात कह रहे हैं। ..अब इसे यूं न समझ लिया जाए कि डिनायल इज हाफ कनफरमेशन। यानी, इन्कार आधी स्वीकारोक्ति है। गुजरात में मतदान के खासे फीसद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात काफी संपन्न प्रदेश है। वोट अधिक से अधिक पड़े यह तो लोकतंत्र की खूबसूरती है। यह पूछे जाने पर कि राजग में प्रधानमंत्री पद के एक मजबूत दावेदार माने जाने वाले नरेंद्र मोदी भी यही कह रहे हैं कि गुजरात की सेवा करके ही खुश हैं, नीतीश ने कोई भी टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। प्रोन्नति में आरक्षण के मसले पर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए प्रस्ताव के पक्ष में जद-यू की वोटिंग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पार्टी ने काफी पहले अपने स्टैंड को साफ कर दिया था। यह संविधान संशोधन का मसला है। वैसे केंद्र की सरकार के पास साधारण बहुमत भी नहीं है। इस प्रसंग को केंद्र में रख नीतीश से यह भी पूछा गया कि क्या लोकसभा चुनाव समय से पूर्व हो जाएंगे? उन्होंने कहा कि मेरी अपनी समझ है कि लोकसभा चुनाव समय पर होंगे। केंद्र की सरकार कामचलाऊ तरीके से बहुमत हासिल करती रहेगी। वैसे मैं चौबीसों घंटे चुनाव के लिए तैयार हूं। विशेष राज्य के दर्जे के लिए पिछड़े राज्यों को एकजुट किए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री का कहना था कि अभी ऐसी स्थिति नहीं है कि कोई फ्रंट बन जाए और एक आम कार्यक्रम बने।