16 February 2019



राष्ट्रीय
मर्दानगी को तुमने तो मजमा बना दिया..
19-12-2012

नई दिल्ली, [सुमन अग्रवाल]। यत्र नार्युस्त पूज्ययंति तत्र रमति देवता। अब तो लगता है जैसे यह श्लोक बस ग्रंथों की ही शोभा बढ़ा रहा है। असल जिंदगी में इसके मायने कहीं खो से गए हैं। हमारे देश में महिलाओं को देवी के दर्जे पर पूजा जाता है, यहां लड़कियां शक्ति का रूप होती है। लेकिन ऐसा लग रहा है कि आज की तारीख में ये बातें सिर्फ किताबों के पन्नों में समा कर रह गई हैं। आज वक्त ऐसा आ गया है जब नारी की इज्जत को सरे आम रौंदा जा रहा है और वह खामोश जुबान से सब सह रही है। खून से तराशे जो खून के धब्बे हैं, खामोश चीखों उनमें कई कैद पड़ी है, एक बार फिर। मर्दानगी को तुमने तो मजमा बना दिया, अब दोजख में भी दो गज जमीन ना मिलेगी, एक बार फिर। ऐसे दरिंदों के लिए फांसी की सजा बहुत कम हैं इन्हें उम्र भर तड़पाया जाए तो भी कम होगा। उन्हें ऐसी सजा दी जानी चाहिए ताकि ऐसा कुछ करने से पहले उनकी रूह तक कांप जाएं। घर हो या ऑफिस, सड़क हो या गलियारा हर जगह महिलाओं को हवस का शिकार बनाया जाता है। हर 40 मिनट में देश में एक बलात्कार और हर 25 मिनट में छेड़छाड़ की एक वारदात की घटना को अंजाम दिया जाता है। इन दिनों राजधानी समेत देश के कई राज्यों में महिलाओं के साथ हो रहे दुष्कर्म के मामले में इजाफा हो रहा है। महिलाओं के साथ रेप तो जैसे आम बात हो गई है। लड़की की आबरू के साथ सरे आम खिलवाड़ करने के बाद भी दोषी बेखौफ घूमते हैं। अगर हम हाल ही में दिल्ली की चलती बस में हुए गैंगरेप की बात करें तो इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि हैवानियत इस कदम बढ़ गई है कि लोगों इंसानियत भूल ही गए हैं। पूरा देश आज इस आग में जल रहा है। महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इस मामले में प्रशासन और पुलिस की लापरवाही साफ छलक रही है। इस तरह के कांड सिर्फ राजधानी में ही नहीं बल्कि बंगाल, बिहार जैसे राज्यों में भी सर चढ़कर बोल रहे हैं। दिल्ली में रविवार रात हुई घटना दो दिन बाद ही पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक रेप की घटना सामने आई है। जिसमें रेप के बाद महिला को जला दिया गया है। हैवानियत की तो जैसे हद ही पार हो रही है। लेकिन अब वक्त आ गया है। अब जनता के साथ-साथ प्रशासन को भी जागरूक होना होगा। देश के हर कोने में लोग इस अमानवीय अपराध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सदन के बाहर महिला सांसद विरोध जता रही हैं तो वहीं सीएम शीला दीक्षित के घर के बाहर एआईएसए के छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं,जिनको काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। उधर विभिन्न कॉलेजों में प्रदर्शन जोरों पर है। मिरांडा कालेज की छात्राओं ने यहां तक कह डाला है कि उन्हें पिस्तौल साथ रखने की इजाजत मिल जानी चाहिए। वहीं पीडि़ता के लिए सोशल नेटवर्किग साइट ट्विटर पर भी लोगों ने दुआएं मांगनी शुरू कर दी हैं।