18 February 2019



प्रादेशिक
शिवराज सरकार देगी कर्ज!
20-12-2012
प्रदेश में संभवत: यह पहला मौका होगा जब केंद्र सरकार की किसी योजना को चलायमान बनाए रखने के लिए सूबे की सरकार कर्ज देगी। मनरेगा को वित्तीय संकट से उबारने के लिए ग्रामीण विकास महकमा राज्य रोजगार गारंटी परिषद को सौ करोड़ रुपए देने जा रहा है। ये राशि दिन-दो-दिन में ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के माध्यम से परिषषद को ट्रांसफर होगी। तय हुआ है कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय परिषद को जब योजना का पैसा देगा तब ये रकम वापस होगी। ग्रामीण विकास महकमे के सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के पहले चरण में पांच हजार किमी से ज्यादा सड़क बनाने के लिए मनरेगा से तालमेल बैठाकर काम शुरू किया गया था। इसमें मजदूरों से मिट्टी संबंधी काम कराए गए थे। लेकिन, इस बीच केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने तमाम प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए किस्तें देना कम कर दिया। मौजूदा साल की शुरुआती तिमाही में मात्र 216 करोड़ रुपए की किस्त दी गई थी। इसके कारण कई जिलों में मनरेगा के काम ठप हो गए और सड़क बनाने में लगे श्रमिकों की करीब 93 करोड़ रुपए की मजदूरी अटक गई। यह राशि पिछले दो तीन माह से मजदूरों को अदा नहीं की जा सकी है। उधर, मजदूरों की देनदारी अदा नहीं होने से ग्रामीणों की सेहत पर पड़ रहे फर्क को देखते हुए ग्रामीण विकास विभाग ने आर्थिक संकट से जूझ रही मनरेगा को कर्ज देने का निर्णय लिया है। ये रकम ग्रामीण विकास विभाग मुख्यमंत्री सड़क बनाने के लिए ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण को दी गई रकम में से देगा। प्राधिकरण दिन-दो-दिन में राशि परिषद को ट्रांसफर कर देगा। वहीं, परिषद केंद्र सरकार से जब योजना की राशि मिलेगी तब विभाग को वापस कर देगी। गोपाल भार्गव, मंत्री, ग्रामीण विकास ने कहा कि मनरेगा के पास फिलहाल पैसों की कमी है। इसलिए मुख्यमंत्री सड़क बनाने के लिए राज्य सरकार ने ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण को जो रकम दी गई है उसमें से सौ करोड़ रुपए परिषष्द को बतौर कर्ज दे दिए जाएंगे। ये राशि वह केन्द्र से बजट मिलने पर वापस लौटाएगी।