19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
पाक में कुरान का अपमान करने वाले को जिंदा जलाया
22-12-2012
पुलिस स्टेशन में घुस कर भीड़ ने कुरान का अपमान करने वाले एक व्यक्ति को बाहर घसीटा और जिंदा जला दिया। देश में ईश निंदा का यह ताजा मामला है, जिसने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

सिंध प्रांत के दक्षिण में स्थित गांव सीता के इमाम मौलवी मैमन ने बताया, \'वह व्यक्ति एक यात्री था और गत गुरुवार रात उसने एक मस्जिद में बिताई थी। अगली सुबह मस्जिद में कुरान जली हुई अवस्था में मिली थी। वह रात में मस्जिद में अकेला था। रात भर वहां और कोई नहीं आया।\' दादू जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उसमान घानी ने बताया कि गांववालों ने पहले उस व्यक्ति को खूब पीटा और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। इसके कुछ घंटों बाद करीब 200 की संख्या में लोग पुलिस स्टेशन में आए, उस व्यक्ति को बाहर घसीटा और आग लगा दी। उन्होंने बताया कि करीब 30 लोगों को हत्या और सात पुलिस कर्मियों को लापरवाही बरतने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।

\'सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज\' के मुताबिक, वर्ष 1990 के बाद से कम से कम 53 लोग ईश निंदा के आरोप में मारे जा चुके हैं। पाकिस्तान में ईश निंदा के आरोपी को मौत की सजा का प्रावधान है, हालांकि कानूनी तौर पर इसकी कोई समीक्षा नहीं की गई है। यहां तक कि अदालती कार्यवाही के दौरान वकील भी आरोपी के खिलाफ सुबूतों को दोहराने से इसलिए डरते हैं कि कहीं उसके खिलाफ भी ईशनिंदा का आरोप न लगा दिया जाए। इस्लाम के बारे में कुछ लिखने, यहां तक कि महज बात करने पर भी लोगों को गिरफ्तार कर लिया जाता है।

हाल ही में रिम्शा मसीह के मामले ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का काफी ध्यान आकर्षित किया था। ईसाई समुदाय की रिम्शा के स्कूल के बैग से कुरान के जले हुए पन्ने बरामद हुए थे, जिसके बाद उसे ईशनिंदा कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले का निपटारा पिछले महीने हुआ, जब रिम्शा के पड़ोसी ने सामने आने की हिम्मत दिखाई और कहा कि यह सब साजिश के तहत किया गया था। जले हुए पन्नों को रिम्शा के बैग में एक इमाम ने ही रखा था। बाद में रिम्शा को रिहा कर किसी अज्ञात स्थान पर भेज दिया गया था।