21 February 2019



प्रादेशिक
बस से इंदौर पहुंचे पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
24-12-2012
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष प्रभात झा रविवार सुबह अचानक यात्री बस में सवार होकर भोपाल से इंदौर आए। उनके स्वागत में विधायक, पदाधिकारी, समर्थक बस स्टैंड पर जुटे और जमकर नारेबाजी की। झा की बस सवारी की गूंज तत्काल भोपाल-दिल्ली तक हुई। भाजपा के हलकों में इसके अनेक मायने निकाले गए। हालांकि खुद झा ने इसे सामान्य घटना बताते हुए कहा कि इसका कोई राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जाए लालवानी और मेंदोला के अलावा झा की अगवानी में भाजपा नगर उपाध्यक्ष सुमित मिश्रा, भाजयुमो नगर अध्यक्ष गोलू शुक्ला, भाजयुमो जिलाध्यक्ष सावन सोनकर, संभागीय मीडिया प्रभारी आलोक दुबे और महापौर कृष्णमुरारी मोघे के कट्टर समर्थक माने जाने वाले पूर्व नगर उपाध्यक्ष दिनेश शुक्ला और राकेश दराडे़ शामिल थे। दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर झा भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां सिर्फ 10 मिनट रकने के बाद धार रोड स्थित एक मैरेज गार्डन में संघ पदाधिकारी के यहां आयोजित विवाह समारोह में पहुंचे। दोपहर डेढ़ बजे झा सपना-संगीता क्षेत्र स्थित एक मैरेज गार्डन में भाजपा क्षेत्र क्रमांक तीन के कार्यकर्ताओं के भोज में पहुंचे। भोज पूर्व विधायक गोपीकृष्ण नेमा ने रखा था। रविवार को क्षेत्र क्रमांक तीन के कार्यकर्ताओं के भोज में प्रभात झा और सांसद सुमित्रा महाजन मिले, साथ बैठे पर एक-दूसरे से कोई राजनीतिक चर्चा नहीं की। सपना-संगीत क्षेत्र के एक मैरिज गार्डन में भोज आयोजित था। सांसद सुमित्रा महाजन दोपहर करीब एक बजे समारोह में पहुंचीं। वे यहां मौजूद नेताओं-कार्यकर्ताओं से मिल रही थीं तभी डेढ़ बजे प्रभात झा पहुंचे। माइक से ऐलान किया गया कि सांसद महाजन के नेतृत्व में झा का स्वागत है। पर महाजन न तो झा की अगवानी करने पहुंचीं और न ही झा के साथ भगवान के चित्र पर माल्यार्पण करने गई। वे महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं के बीच ही बैठी रहीं सरवटे बस स्टैंड पर मीडिया से चर्चा में झा ने कहा कि पार्टी ने जो गाड़ी दी थी वह प्रदेशाध्यक्ष पद से हटने के बाद नैतिकता के आधार पर लौटा दी है। इसलिए यात्री बस में सवार होकर इंदौर आया हूं। उन्होंने कहा कि सब समय का खेल है। मैं आम आदमी और सामान्य कार्यकर्ता के रूप में आया हूं। यह सामान्य बात है इसे असामान्य मत बनाइए। तीन साल पहले भी बस में यात्रा कर चुका हूं। झा भोपाल से आए तो बस से लेकिन इंदौर में दोपहर से शाम तक करीब एक दर्जन कारों के काफिलों के साथ यहां से वहां घूमते रहे।