19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
चीन में खुला दुनिया का सबसे लंबा हाई स्पीड रेल नेटवर्क
26-12-2012
चीन में बुधवार को राजधानी बीजिंग को दक्षिणी शहर गुआंगझो से जोड़ने वाली दुनिया की सबसे लंबी हाई स्पीड रेल लाइन का शुभारंभ किया गया। यह रेलमार्ग लगभग तेइस हजार किमी लंबा है। अब 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली ट्रेनें इस दूरी को महज आठ घंटे में तय कर लेंगी। पहले इस दूरी को तय करने में 20 घंटे का समय लगता था। बीजिंग और गुआंगझो से दो बुलेट ट्रेनें क्रमश: नौ और दस बजे रवाना हुई। इसका राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रसारण किया गया। अब चीन में हाई स्पीड रेल का नेटवर्क 9300 किमी से ज्यादा हो गया है। नई लाइन पर प्रतिदिन 155 जोड़ी ट्रेनें दौड़ेंगी। पिछले साल बीजिंग और शंघाई के बीच बुलेट ट्रेन की शुरुआत के बाद यह अब सबसे लंबा हाई स्पीड रेल नेटवर्क है। बीजिंग और शंघाई के बीच 1300 किमी की दूरी को बुलेट ट्रेन से सिर्फ पांच घंटे में तय किया जा सकता है। नया रेलमार्ग बीजिंग को चीन के औद्योगिक प्रांत ग्वांगदोंग से जोड़ेगा, जिसके निकट में हांगकांग और मकाऊ स्थित हैं। इस रेलमार्ग के 2015 तक हांगकांग पहुंचने की उम्मीद है। 350 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार वाली ट्रेन चीन के पांच प्रांतों को जोड़ेगी। इसके कुल 35 ठहराव होंगे। यह ट्रेन शिजियाजुआंग, जेंगझू, वुहान और चांगशा जैसे बड़े शहरों में रुकेगी। हाई स्पीड ट्रेन के प्रारंभ होने से देश में रेल और हवाई किराये को लेकर बहस छिड़ सकती है। रिपोर्टो में कहा गया है कि चीन की एयरलाइंस खुद को दबाव में महसूस कर रही हैं और उनकी ओर से बुलेट ट्रेन के टिकट से कम कीमत पर टिकटों की पेशकश की जा रही है। विमान द्वारा बीजिंग से गुआंगझो जाने में साढ़े तीन घंटे का समय लगता है। चीन अब हाई स्पीड प्रौद्योगिकी को भारत और अन्य देशों को निर्यात करने पर भी विचार कर रहा है।चीन में बुधवार को राजधानी बीजिंग को दक्षिणी शहर गुआंगझो से जोड़ने वाली दुनिया की सबसे लंबी हाई स्पीड रेल लाइन का शुभारंभ किया गया। यह रेलमार्ग लगभग तेइस हजार किमी लंबा है। अब 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली ट्रेनें इस दूरी को महज आठ घंटे में तय कर लेंगी। पहले इस दूरी को तय करने में 20 घंटे का समय लगता था। बीजिंग और गुआंगझो से दो बुलेट ट्रेनें क्रमश: नौ और दस बजे रवाना हुई। इसका राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रसारण किया गया। अब चीन में हाई स्पीड रेल का नेटवर्क 9300 किमी से ज्यादा हो गया है। नई लाइन पर प्रतिदिन 155 जोड़ी ट्रेनें दौड़ेंगी। पिछले साल बीजिंग और शंघाई के बीच बुलेट ट्रेन की शुरुआत के बाद यह अब सबसे लंबा हाई स्पीड रेल नेटवर्क है। बीजिंग और शंघाई के बीच 1300 किमी की दूरी को बुलेट ट्रेन से सिर्फ पांच घंटे में तय किया जा सकता है। नया रेलमार्ग बीजिंग को चीन के औद्योगिक प्रांत ग्वांगदोंग से जोड़ेगा, जिसके निकट में हांगकांग और मकाऊ स्थित हैं। इस रेलमार्ग के 2015 तक हांगकांग पहुंचने की उम्मीद है। 350 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार वाली ट्रेन चीन के पांच प्रांतों को जोड़ेगी। इसके कुल 35 ठहराव होंगे। यह ट्रेन शिजियाजुआंग, जेंगझू, वुहान और चांगशा जैसे बड़े शहरों में रुकेगी। हाई स्पीड ट्रेन के प्रारंभ होने से देश में रेल और हवाई किराये को लेकर बहस छिड़ सकती है। रिपोर्टो में कहा गया है कि चीन की एयरलाइंस खुद को दबाव में महसूस कर रही हैं और उनकी ओर से बुलेट ट्रेन के टिकट से कम कीमत पर टिकटों की पेशकश की जा रही है। विमान द्वारा बीजिंग से गुआंगझो जाने में साढ़े तीन घंटे का समय लगता है। चीन अब हाई स्पीड प्रौद्योगिकी को भारत और अन्य देशों को निर्यात करने पर भी विचार कर रहा है।