19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
संयुक्त राष्ट्र बजट में अधिक योगदान देगा भारत
27-12-2012

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2012-13 के लिए विश्व निकाय का बजट पांच प्रतिशत बढ़ाकर 5.4 अरब डॉलर करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद भारत, ब्राजील, चीन एवं अन्य उभरती अर्थव्यवस्था वाले देश संयुक्त राष्ट्र को और ज्यादा अंशदान देंगे। हालांकि, यूरोपीय देश जैसे ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और जापान के योगदान में कटौती हुई है। कई दिनों की बहस के बाद महासभा ने पांचवीं समिति [प्रशासनिक एवं बजटीय] के प्रस्तावों को स्वीकार किया, जिसमें सदस्य राष्ट्रों के बकाए का स्तर बढ़ाने, संयुक्त राष्ट्र की पेंशन प्रणाली और 33 राजनीतिक मिशनों के लिए प्रस्तावित 2013 का बजट शामिल है। 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र ने अपने नियमित परिचालन के लिए बजट में 24.33 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी का प्रस्ताव पारित किया है। पिछले साल इसे 5.15 अरब डॉलर रखने के प्रस्ताव पर सहमति बनी थी। भारत के भुगतान में 24 प्रतिशत की वृद्धि होगी। यानी बजट में उसकी भागीदारी 0.5 प्रतिशत से बढ़कर 0.66 प्रतिशत हो जाएगी। वहीं चीन के योगदान में 61 फीसद की बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही कनाडा और इटली को पछाड़ कर चीन संयुक्त राष्ट्र में सबसे ज्यादा योगदान देने वाला छठा देश बन जाएगा। नियमित बजट के लिए अमेरिकी की 22 प्रतिशत की हिस्सेदारी में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। संयुक्त राष्ट्र का हर सदस्य राष्ट्र बजट में योगदान अपनी वैश्विक सकल राष्ट्रीय आय के आधार पर करता है। महासभा ने 2013 में 33 विशेष मिशनों को चलाने के लिए 56.64 करोड़ डॉलर के बजट को मंजूरी दी है। यह मिशन सीरिया, यमन, लीबिया और सूडान, दक्षिण सूडान, अफगानिस्तान और इराक में संचालित होते हैं।