18 February 2019



प्रादेशिक
करंट से एक और बाघ की मौत, शिकार की आशंका
27-12-2012

कटनी के समीप जुगिया गांव में शिकारियों द्वारा बिछाए गए बिजली के तार की चपेट में आने से एक वयस्क बाघ की बुधवार को मौत हो गई। सात माह के भीतर प्रदेश में करंट से बाघ के मरने की यह तीसरी घटना है। गुरुवार को बाघ का पोस्टमार्टम किया जाएगा। वन विभाग का कहना है कि बाघ के शरीर के सभी अंग सुरक्षित हैं। पोस्टमार्टम और बिसरा जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी। कटनी डीएफओ एमके खान का कहना है कि जीआई तार जमीन से 6-7 इंच ऊपर लगाया गया था। इस पर बाघ का पिछला पैर पड़ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। आमतौर पर यह जंगल के छोटे जानवरों के शिकार के लिए लगाया जाता है। । बुधवार को घटना की सूचना मिलने के बाद मप्र के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन ने जबलपुर के मुख्य वन संरक्षक राजेश कुमार को घटनास्थल की ओर रवाना किया। पांच जून को भोपाल के कठौतिया में भी करंट से हुई थी बाघ की मौत प्रदेश में करंट से बाघ के मरने की यह तीसरी घटना है। पांच जून को भोपाल के पास कठौतिया के जंगल में बाघ की करंट से मौत हुई थी। 18 नवंबर को कटनी वन मंडल में ही एक बाघ बिजली के झूलते तार से झुलस गया था। बाघ के साथ गाय की भी मौत हो गई थी। बाघ संरक्षण में जुटे सामाजिक कार्यकर्ता अजय शंकर दुबे ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। पत्र में प्राधिकरण से मांग की है कि वह दिल्ली से जांच दल भेजें। यह सामान्य घटना नहीं है।