16 February 2019



राष्ट्रीय
एयर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए बनेगा एएआइ से अलग संगठन
29-12-2012
विमानों के बीच गफलत के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी वायु यातायात नियंत्रण का कार्य एयरपोर्ट अथॉरिटी से लेने पर गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है। एयर ट्रैफिक कंट्रोल कार्यो में अंतरराष्ट्रीय दक्षता लाने के लिए अब एक अलग संगठन बनाने की तैयारी है। अभी एयर ट्रैफिक कंट्रोल का कार्य हवाई अड्डों के निर्माण एवं प्रबंधन संभालने वाले सरकारी उपक्रम एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया [एएआइ] के हाथों में है। लेकिन देश में बढ़ते वायु यातायात व उड्डयन इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की आवश्यकताओं के मद्देनजर सरकार को लग रहा है कि एएआइ को अब एयरपोर्ट के निर्माण एवं रखरखाव तक सीमित कर देना चाहिए। जबकि वायु यातायात नियंत्रण यानी एयर ट्रैफिक कंट्रोल का कार्य एक पृथक संगठन को सौंप देना चाहिए। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल विशिष्ट तकनीकी विशेषज्ञता का क्षेत्र है। इसके लिए उड्डयन संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े विशिष्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एवं विशेषज्ञों की जरूरत पड़ती है। चूंकि एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर एयरपोर्ट के भीतर ही बनते हैं, लिहाजा अब तक एयरपोर्ट अथारिटी ही इनका निर्माण एवं प्रबंधन संभालती आ रही थी। परंतु हाल के वर्षो में जिस तरह देश में एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हुआ है और आगे होने वाला है, उसे देखते हुए एएआइ के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल कार्यो के साथ न्याय करना मुश्किल होगा। इसीलिए एक नए संगठन की जरूरत है जो सिर्फ एयर ट्रैफिक कंट्रोल का कार्य संभाले और उसकी जिम्मेदारी ले। एविएशन विशेषज्ञों के मुताबिक विकसित देशों में एयर ट्रैफिक कंट्रोल की जिम्मेदारी पृथक संगठनों पर है। ये संगठन एयर कंट्रोल टावरों के निर्माण, उपकरणों के प्रबंधन, रखरखाव व संचालन के अलावा कर्मचारियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण का कार्य संभालते हैं। यह अपने आपमें पूरी शाखा है। हाल में आकाश में विमानों के बीच गफलत, पायलटों के बीच बहस तथा लैंडिंग व टेकआफ को लेकर हुई गड़बड़ियों के पीछे बहुत हद तक एटीसी की खामियों को भी जिम्मेदार माना गया है। इसके अलावा जियो ऑग्मेंटेड नेवीगेशन प्रोजेक्ट \'गगन\' के सुचारु संचालन के लिहाज से भी नया संगठन जरूरी समझा गया है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए बनने वाला नया संगठन एएआइ से स्वतंत्र होगा या इसके अधीन।