15 February 2019



राष्ट्रीय
दरिंदों को फांसी नहीं जिंदा जला दो'
05-01-2013

नई दिल्ली। देश को झकझोरकर रख देने वाले दिल्ली गैंगरेप मामले में इस घटना के सबसे बड़े गवाह अवींद्र पांडे ने शुक्रवार को मीडिया के सामने उस दिन के खौफनाक मंजर की एक तस्वीर पेश की। पांडे ने उस वक्त का भी जिक्र किया जब युवती ने मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दिया। उसने कहा था कि आरोपियों को फांसी मत देना बल्कि उन सभी को जिंदा जला देना। यह इंटरव्यू उन्होंने स्वेच्छा से एक निजी चैनल को दिया था। इस इंटरव्यू के प्रसारित होने के बाद दिल्ली पुलिस ने जी न्यूज के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दिल्ली गैंगरेप की घटना के भुक्तभोगी ने टीवी चैनल के समक्ष जो कुछ बयान किया है, वह दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के लिए मुसीबत बन सकता है। अवींद्र ने कहा है कि पुलिस भी एक सिस्टम है और यदि कोई सिस्टम काम नहीं कर रहा तो नैतिकता के आधार पर उसके मुखिया को इस्तीफा देना चाहिए। पुलिसकर्मियों को चाहिए अपनी डयूटी करें। वे अपनी पीठ थपथपाना क्यों चाहते हैं? उनके अनुसार, जब वे सड़क किनारे पड़े थे तो वहां आई एक महिला अधिकारी बार-बार कह रही थी कि मुझे घर जल्दी जाना है। घर पर चावल दाल नहीं है। बच्चों से नहीं मिल पा रही। अवींद्र ने बताया कि उसकी दोस्त ने एसडीएम से कहा था कि आरोपियों को फांसी नहीं, बल्कि जिंदा जलाना चाहिए। एसडीएम बयान लेने आई तो उसने पूरा घटनाक्रम उन्हें बताया। जो उसके साथ हुआ उसे सुनकर मैं तो सदमे में आ गया कि क्या कोई ऐसा भी कर सकता है। जब कोई शिकार करता है तो वह भी ऐसा नहीं करता। पहले वह गला दबाकर सांस बंद कर देता है। बाद में सब कुछ करता है, लेकिन यहां तो जिंदा होते हुए ही शरीर के अंग-भंग किए गए। अवींद्र ने वर्मा समिति के समक्ष पेश होकर यह कहने की भी इच्छा जताई है कि हमारे पास काफी कानून हैं, लेकिन आम आदमी कानूनी पचड़ों में फंसना नहीं चाहता। इस घटना को लेकर कोई कानून बनना है तो कम से कम मुझसे पूछा जाना चाहिए, क्योंकि मैंने उस क्षण को जिया है-झेला है। अवींद्र ने पीड़िता तो सिंगापुर भेजने के मामले में कहा कि यह काम पहले किया जाना चाहिए था। मुझे अगर प्यास अभी लगी है तो पानी आज ही मिलना चाहिए। बाद में क्या फायदा। शायद उसे प्रदर्शनों के बाद दबाव में विदेश भेजा गया। ऐसा लग रहा है कि उसकी मौत को इस्तेमाल किया जा रहा है। अवींद्र ने यह भी उम्मीद जताई कि लोग इस घटना से सबक लेते हुए दूसरों की जिंदगी बचा पाएंगे। इस इंटरव्यू के प्रसारित होने के बाद गैंगरेप पीड़ित युवती के दोस्त की पहचान उजागर करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने टीवी चैनल जी न्यूज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्णय लिया, जिसके बाद मामला भी दर्ज कर लिया है।