16 February 2019



राष्ट्रीय
नाबालिग को कम हुई सजा तो कोशिश जाएगी बेकार
07-01-2013
गोरखपुर [विवेक कुमार राय]। दिल्ली गैंगरेप मामले के पीड़ित अवींद्र पांडेय 16 दिसंबर की रात हुई घटना को याद कर सिहर उठते हैं। इसकी चर्चा छिड़ते ही उनकी आंखें छलक पड़ती हैं। चेहरे पर दर्द उभर आता है। वह कहते हैं कि पूरे मामले में दिल्ली पुलिस सच नहीं बोल रही है, कई बातों को छिपा रही है। उनकी दोस्त को अगर समय पर अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो वह बच सकती थी। घटना का कोई भी आरोपी बचना नहीं चाहिए। नाबालिग आरोपी सबसे ज्यादा दरिंदगी करने वालों में शामिल था, इसलिए अगर वह बच गया तो सारी मेहनत-कोशिश बेकार जाएगी। दिल्ली गैंगरेप की शिकार युवती के मित्र अवींद्र पांडेय शनिवार देर शाम अपने पिता के साथ गोरखपुर स्थित घर पहुंचे। घटना के दौरान दुष्कर्मियों के प्रहार से उनके दाहिने पैर में फ्रैक्चर और शरीर के दूसरे हिस्सों में चोट है। वह चलने के लिए छड़ी का सहारा ले रहे हैं। शरीर में दर्द उभरता है तो 16 दिसंबर का मंजर आंखों के सामने आ जाता है जिसमें छह दरिंदों ने उन्हें घायल कर उनकी दोस्त के साथ दुष्कर्म किया था। रविवार को गोरखपुर के तुर्कमानपुर आवास पर जागरण से बातचीत में अवींद्र ने बताया कि बलिया की रहने वाली लड़की से उनका परिचय दो साल पहले हुआ था। वह एमएस (मास्टर ऑफ सर्जरी) करके विदेश जाना चाहती थी। वह घर में सबसे बड़ी थी। अपने भाई को पढ़ाना चाहती थी। मैने उसके भाई का एडमिशन कराने में सहयोग दिया था। वे लोग चाहेंगे तो मैं भविष्य में भी उनका सहयोग करता रहूंगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि वह (दिवंगत युवती) उपचार के दौरान अस्पताल में कह रही थी कि उन दरिंदों को जिंदा जला देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी व्यवस्था में कोई कमी जरूर है कि लोग सड़क पर घायल लोगों की मदद करने में रुचि नहीं लेते। घटना के बाद खून से लथपथ हम (दोनों) नग्न हालत में सड़क के किनारे घंटों पड़े रहे लेकिन लोग देखते हुए निकल गए। यदि थोड़ा जल्दी अस्पताल पहुंचते तो शायद उनकी दोस्त की जान बच जाती। अवींद्र ने कहा कि घटना के इतने दिन बाद वह प्रचार पाने के लिए मीडिया के सामने नहीं आए बल्कि उनका उद्देश्य है कि लोग घटना की सच्चाई जानें और सिस्टम की खामियों को दूर करने के बारे में सोचें। शासन ऐसी व्यवस्था बनाए जिससे भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृति रोकी जा सके । इस मामले में शामिल बदायूं के नाबालिग नवयुवक के बारे में जांच-पड़ताल के लिए प्राथमिक विद्यालय, भवानीपुर नगला के प्रधानाध्यापक को दिल्ली बुलाया गया है। दिल्ली पुलिस के बुलावे पर पहले तो प्रधानाध्यापक ने जाने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में बेसिक शिक्षा अधिकारी से आदेश मिलने के बाद वह रवाना हो गए। ध्यान रहे कि दिल्ली के चर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपी बनाए गए छह लोगों में से एक लड़का बदायूं के इस्लामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत भवानीपुर नगला गांव का है। आरोपी लड़के की गिरफ्तारी के बाद ही दिल्ली पुलिस ने भवानीपुर नगला पहुंचकर उसके बारे में पूरी तहकीकात की थी। पुलिस ने भवानीपुर नगला के उस विद्यालय का रिकॉर्ड भी खंगाला था, जहां पर आरोपी लड़के ने पढ़ाई की थी। आरोपी की उम्र 17 साल आठ महीने बताई गई है।