17 February 2019



प्रादेशिक
हादसे में कांग्रेस विधायक घायल, मां की मौत
11-01-2013
मंडीदीप के पास बुधवार रात हुए एक सड़क हादसे में कांग्रेस विधायक सुखदेव पांसे की मां की मौत हो गई, जबकि वे और उनका चालक घायल हो गए। घायल विधायक और चालक को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार मुलताई विधायक सुखदेव पांसे बुधवार रात अपनी मां लीलादेवी का इलाज कराने भोपाल आ रहे थे। उनकी गाड़ी रात 3:30 बजे मंडीदीप में ल्यूपिन फैक्ट्री जोड़ पर सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराकर पलट गई। हादसे में 60 वर्षीय लीलादेवी की मौके पर ही मौत हो गई। गाड़ी के बिंड स्क्रीन के कांच टूटकर लगने के कारण विधायक पांसे के चेहरे पर कई जख्म हो गए। उनके चालक 37 वर्षीय धनराज पुत्र मित्थूजी देशमुख को सिर में गंभीर चोट आई हैं। मंडीदीप पुलिस उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल लेकर गई, लेकिन प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें अरेरा कॉलोनी के फेक्चर अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां सुबह 9 बजे विधायक पांसे को छुट्टी दे दी गई। उनकी मां का बृहस्पतिवार सुबह औबेदुल्लागंज में पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद वे शव लेकर मुलताई रवाना हो गए। विधायक का चालक धनराज फ्लेट नंबर 102 सुरेंद्र अपार्टमेंट मालवीय नगर भोपाल में ही रहता है। उसकी गर्दन व चेहरे के अलावा सिर में गंभीर चोटें हैं। अंधेरे में खड़ा था ट्रक हादसे का कारण वो ट्रक था, जो अंधेरे में खड़ा होने से चालक को नजर नहीं आया। उससे टकरा कर कार पलट गई थी, जिसे मंडीदीप पुलिस ने रात में सीधा कर दिया। ट्रक में इंडीकेटर या रिफलेक्टर नहीं लगे थे, वरना दुर्घटना होने से बच सकती थी। हादसों का तिराहा  कांग्रेस विधायक का वाहन जहां पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ वहां पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कोई भी चेतावनी बोर्ड अथवा संकेतक नहीं लगाए गए। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयां होने के बावजूद प्रकाश का समूचित इंतजाम एकेवीएन अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा वहां नहीं किया गया है। पोस्टमार्टम के समय हंगामा औबेदुल्लागंज में तैनात डाक्टर ने पांसे की माताजी का पोस्टमार्टम अस्पताल में पहले पहुंची फेलू अहिरवार की लाश के क्रम को तोड़कर किया। इस पर फेलू के परिजनों ने यह कह कर हंगामा किया कि हम गरीब हैं तो क्या डाक्टर किसी विशिष्ट व्यक्ति के परिजन का पहले पोस्टमार्टम करेंगे। हालांकि समझाने के बाद वे लोग शांत भी हो गए। इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी रायसेन डा. शशि ठाकुर का कहना था कि डाक्टर की नजर में गरीब-अमीर नहीं होता। मैं पता लगाती हूं कि डाक्टर ने किस परिस्थिति में फेलू का पोस्टमार्टम पहले नहीं किया।