15 February 2019



राष्ट्रीय
शहीदों के ना सही तो सरकार दुश्मनों के सिर लाए: सुषमा
14-01-2013
शहीद हेमराज के परिजनों से मिलने पहुंचे बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार पता नहीं अभी तक क्यों खामोश बैठी है। पाकिस्तान को पूरी दुनिया से माफी मांगनी चाहिए। भारत को इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाना चाहिए। इतना ही नहीं पाकिस्तान की इस करतूत को पूरी दुनिया को बताया जाना चाहिए। पाकिस्तान को करारा जवाब देना चाहिए। बीजेपी संसद के अंदर और बाहर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी। वहीं राजनाथ सिंह का कहना है कि अभी तक पाकिस्तान से बेहतर संबंधों के प्रयास हो रहे थे मगर अब पाकिस्तान का चेहरा बेनकाब हो गया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार द्वारा अभी तक शहीद को सम्मानित नहीं किए जाने की भी निंदा की। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कड़े शब्दों में कहा है कि सरकार अगर शहीदों के सिर नहीं ला सकती तो दुश्मनों के सिर लेकर आए। घटना के छह दिन बाद मुख्यमंत्री के यहां आने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने हेमराज की पत्‍‌नी और मां से खाना खाने का भी आग्रह किया। शहीद हेमराज के परिजनों को भूख हड़ताल पर बैठे आज पांचवां दिन है और उन्हें अभी तक उनके बेटे का सिर भारत लाने का कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। शहीद हेमराज की पत्नी की हालत बिगड़ती जा रही है। अब परिजनों की मांग है कि सेनाध्यक्ष विक्रम सिंह उनके पास आएंगे तभी वह अपना अनशन तोड़ेंगे। दो बेटी, एक बेटा, पत्नी, और मां समेत करीब 50 लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वहीं सेनाध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि अगर उनकी जरूरत होगी तो वह अवश्य वहां आएंगे। उधर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी हेमराज के परिजनों से मिलने निकल पड़े हैं। भाजपा नेता नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज समेत कई भाजपा के स्थानीय नेता भी वहां पहुंच चुके हैं। रविवार को गांव खैरार पहुंचे रालोद सांसद जयंत चौधरी को गांव वालों ने आड़े हाथों लेते हुए खूब ताने दिए। इतना ही नहीं, उनके पिता चौ. अजित सिंह को भी कठघरे में खड़ा कर दिया। मौके की नजाकत भांप जयंत ने पूरी बात सुनी, फिर श्रद्धांजलि सभा में अपनी बात स्पष्ट की। सांसद रविवार को दोपहर शहीद हेमराज के गांव खैरार पहुंचे। उनके साथ रालोद के प्रदेश अध्यक्ष मुन्नालाल सिंह चौहान भी थे। सबसे पहले वे शहीद के परिजनों से मिले। शहीद की पत्नी धर्मवती और मां मीना देवी का हालचाल लिया। जब मालूम हुआ कि उन्होंने पांच दिनों से खाना नहीं खाया है तो सांसद ने दूध का गिलास मंगाकर धर्मवती को पिलाने की कोशिश की, मगर लगभग बेसुधी की हालत में चल रही धर्मवती ने एक भी घूंट नहीं पी। इसके बाद जयंत शोकसभा स्थल पर पहुंचे। बस फिर क्या था? वहां मौजूद लोगों ने गुस्से में सुनाना शुरू कर दिया। हेमराज के ताऊ ससुर रघुनाथ ने मानो मोर्चा संभाल लिया। बोले कि आज फुरसत मिली है यहां आने की। तुम्हारे घर का सैनिक शहीद हुआ है और तुम मौज कर रहे हो। सांसद ने बीच में कहा कि कि वे विदेश में थे। तत्काल बात काटी और कहा कि विदेश से आ नहीं सकते थे? तुम्हारे पिता अजित सिंह को भी अपने भाइयों की सुध नहीं है। उन्हें भी विदेश से आने की फुरसत नहीं मिली है। उन्होंने सांसद से कहा कि जो कुछ भी कहना हो, खुलकर कहना। शहीद को नमन करने के बाद सांसद जयंत ने शहादत को प्रणाम किया। हेमराज की बहादुरी की तारीफ करते हुए सांसद ने फिर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि वे अति आवश्यक कार्य से बाहर गये हुये थे। जैसे ही मौका मिला, यहां चले आए। अब वे हर संभव मदद को तैयार हैं। क्षेत्र के विकास के लिए भी कटिबद्ध हैं। भाभी ने तो एक घूंट भी नहीं लिया सांसद जयंत जब अपनी बात कर रहे थे, तभी हेमराज के रिश्ते के भाई ने मीडिया को बताया कि उनकी भाभी को तो होश ही नहीं है। कौन आ रहा है, कौन जा रहा है, उन्हें नहीं पता। उन्होंने तो दूध का एक घूंट भी नहीं पीया। इसके बाद मां को दूध पिलाने की कोशिश नहीं की।