24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
शियाओं की मांग पर बलूचिस्तान सरकार बर्खास्त
15-01-2013
अशांत बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में करीब सौ शियाओं की हत्या के बाद प्रदर्शनकारियों की मांगों के आगे आखिरकार प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ को झुकना ही पड़ा। उन्होंने सोमवार को बलूचिस्तान सरकार को बर्खास्त कर प्रांत में राज्यपाल शासन लागू कर दिया। अशरफ ने संघीय सरकार के फैसले की घोषणा अलमदार रोड पर अल्पसंख्यक शियाओं से बातचीत के बाद की। शिया बहुल इस इलाके में गुरुवार को हुए विस्फोट में 98 लोग मारे गए थे जबकि 120 से ज्यादा घायल हो गए थे। घटना के बाद बलूचिस्तान सरकार की बर्खास्तगी के साथ ही क्वेटा पर सेना का नियंत्रण की मांग को लेकर हजारा शिया समुदाय के हजारों लोग धमाके में मारे गए लोगों के शवों के साथ क्वेटा में अलमदार रोड पर बैठे थे। उन्होंने मांगें न माने जाने तक शवों को दफनाने से इन्कार कर दिया था। अशरफ ने कहा, \'विचार-विमर्श करने के बाद हमने बलूचिस्तान में संविधान की धारा 234 लगाने का फैसला किया है, जिसके तहत राज्यपाल शासन लगाने की अनुमति है। प्रांतीय सरकार को बर्खास्त किया जाता है।\' उनकी इस घोषणा से शिया नेताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने अपना प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की। हालांकि सरकार ने हजारा शिया समुदाय की क्वेटा का नियंत्रण सेना को सौंपे जाने की मांग को अस्वीकार कर दिया। समुदाय ने प्रतिबंधित आतंकी समूह लश्कर ए-झांगवी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की भी मांग की थी। बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा का नियंत्रण सेना के हाथ में दिए जाने की मांग दोहराए जाने पर अशरफ ने कहा,\' गवर्नर जुल्फीकार मगसी और नागरिक प्रशासन को जरूरत पड़ने पर सेना की सहायता लेने का अधिकार है। प्रांत में सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आर्मी की सदर्न कमांड के प्रमुख अधिकारियों की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाएगा।\' उन्होंने बताया कि अ‌र्द्धसैनिक बल फ्रंटियर को‌र्प्स को पुलिस के सभी अधिकार दे दिए गए हैं, ताकि जल्द से जल्द हमलावरों को गिरफ्तार किया जा सके।