24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
वियतनाम से मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का पक्षधर है भारत
17-01-2013

हो ची मिन्ह सिटी [माला दीक्षित]। भारत ने कहा है कि वह आसियान देशों, खासतौर पर वियतनाम के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में काम करने को तैयार है। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि क्षेत्र के आर्थिक विकास और सुरक्षा के लिहाज से भारत और आसियान देशों का गठजोड़ काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। वियतनाम की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली हो ची मिन्ह सिटी में अपने सम्मान में आयोजित एक भोज में अंसारी ने कहा कि भारत वियतनाम के साथ द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए उन सभी क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाश रहा है जिनमें अभी तक कोई काम नहीं हुआ। इससे भारत और वियतनाम की रणनीतिक साझीदारी भी मजबूत होगी। उपराष्ट्रपति के सम्मान में भोज का आयोजन हो ची मिन्ह सिटी की पीपुल्स कमेटी के चेयरमैन ली हांग कॉन ने किया था। द्विपक्षीय व्यापार के साथ-साथ भारत और वियतनाम पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। अंसारी ने कहा कि वह भारत और हो ची मिन्ह सिटी के बीच गहरे आर्थिक संबंधों के पक्षधर हैं क्योंकि यह शहर भारतीय उद्योगपतियों, निवेशकों व व्यापारियों को आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 2015 तक सात अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। फिलहाल दोनों देश आपस में चार अरब डॉलर सालाना का कारोबार करते हैं। भारत वियतनाम में करीब 80 करोड़ डॉलर निवेश कर चुका है। इससे पहले अंसारी बुधवार की सुबह हो ची मिन्ह सिटी के हिस्ट्री एंड वार म्यूजियम को देखने भी गए। म्यूजियम की आगंतुक पुस्तिका में हस्ताक्षर करते हुए उन्होंने लिखा कि भारत और वियतनाम की बौद्ध विरासत दोनों देशों को एक दूसरे के करीब लाती है। दोनों ही देशों ने उपनिवेशवाद का दर्द झेला है। उपराष्ट्रपति गुरुवार को स्वदेश रवाना होंगे।