17 February 2019



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खनि-पट्टों से निकाली गई खनिज मात्रा पर निर्धारित दर से हो कर-निर्धारण
17-01-2013

राज्य शासन ने मुख्य खनिज के खनि-पट्टों से निकाली गई/उपभोग की गई खनिज मात्रा पर निर्धारित दर से रॉयल्टी प्राप्त करने के निर्देश कलेक्टर्स को दिये हैं। शासन ने खनि अधिकारी/खनि निरीक्षक को कर-निर्धारण करने से पूर्व अधिनियमों/नियमों के प्रावधानों को दृष्टिगत रखते हुए कर-निर्धारण करने को कहा है। इसके लिये खदान में किये गये निरीक्षण प्रतिवेदन, पट्टाधारी द्वारा प्रस्तुत पत्रकों, अभिलेखों का परीक्षण तथा अन्य जानकारियों को ध्यान में रखा जाये।

सचिव, खनिज साधन श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव ने इस संबंध में कलेक्टर्स को आवश्यक सुझाव भेजते हुए सभी तथ्यों/ अभिलेखों/ नियमों/ उपलब्ध जानकारियों पर विचार करते हुए कर-निर्धारण करने को कहा है। कर-निर्धारण प्रतिवेदन के साथ उसकी पुष्टि में आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने को भी कहा गया है। इससे खदान से निकाले गये/उपभोग किये गये खनिज की पट्टाधारी से रॉयल्टी वसूली न केवल नियम अनुसार कड़ाई से वसूल हो सकेगी। साथ ही न्यायालयीन वाद की स्थिति में शासन का पक्ष सक्षमता से रखा जा सकेगा।

निर्देश में कहा गया है कि खनिज निरीक्षक/खनि अधिकारी द्वारा कर-निर्धारण प्रतिवेदन प्राप्त होने पर इसे लीज नस्ती में खनिज शाखा द्वारा प्रस्तुत करने पर इसका अंतरिम अनुमोदन ही दिया जाना चाहिये। नस्ती में यह उल्लेख कर दिया जाना चाहिये कि किसी अन्य स्रोत से यह ज्ञात होता है कि भविष्य में कर-निर्धारण से अधिक मात्रा में पट्टेधारी ने खदान से डिस्पेच/उपभोग की है, तो उससे अतिरिक्त रॉयल्टी की वसूली की जायेगी। खनि पट्टाधारी से कर-निर्धारण प्रतिवेदन के साथ-साथ इस आशय का भी पत्र प्राप्त करने को कहा है कि उन्होंने कर-निर्धारण के लिये सही-सही जानकारी उपलब्ध करवाई है। यदि भविष्य में उनके द्वारा दी गई जानकारी गलत सिद्ध होती है तो जो भी उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही होगी और वे उसे मानने को बाध्य होंगे।