18 February 2019



प्रादेशिक
चार लाख पंचायत पदाधिकारियों की बल्ले-बल्ले
22-01-2013
चुनावी साल में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के पिटारे से युवाओं के बाद अब पंचायत पदाधिकारियों के लिए तोहफों की बारिश हुई है। पंचायतों की महापंचायत में सोमवार को उन्होंने करीब चार लाख पंचायत पदाधिकारियों का मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया। साथ ही सरपंचों को दस लाख रुपए तक के कामों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने के अधिकार दिए जाएंगे। पंचों को पहली बार ग्रामसभाओं की बैठक में हिस्सा लेने पर भत्ता मिलेगा। यही नहीं, पंचायतों को अनाबद्ध राशि [अनटाइड फंड] 10 से बढ़ाकर 20 फीसदी तक दी जाएगी।

पंचायतों की त्रि-स्तरीय महापंचायत में मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों की नब्ज को भांपते हुए मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान किया। इसमें सरपंचों का मानदेय पांच गुना तक बढे़गा। इसी तरह पंचों को हर ग्रामसभा की बैठक में शिरकत करने पर सौ रुपए का बैठक भत्ता दिया जाएगा। यह भत्ता साल में अधिकतम छह बैठकों के लिए दिया जाएगा।

जिला पंचायत अध्यक्षों को सात की जगह 11 हजार, उपाध्यक्षों को 6 हजार की जगह साढे़ नौ हजार, सदस्यों को 4 हजार की जगह साढे़ चार हजार रुपए मानदेय मिलेगा। जनपद पंचायत अध्यक्षों का मानदेय भी बढ़ाने की घोषणा की गई है। इसके तहत जनपद पंचायत अध्यक्ष को 2 हजार की जगह साढ़े 6 हजार, उपाध्यक्ष को 1 हजार 600 की जगह 4 हजार 500 और सदस्यों को 1 हजार 200 की जगह 1 हजार 500 रपए प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।

मानदेय बढ़ाए जाने से त्रि-स्तरीय पंचायतों के लगभग चार लाख पदाधिकारी लाभान्वित होंगे।

सरपंचों की बढ़ी मांग को पूरा करते हुए तय किया गया है कि पंच-परमेश्वर योजना में एक्जाई करके दिए जा रहे फंड में अनाबद्ध राशि [अनटाइड फंड] 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 फीसद की जाएगी।

* सरपंचों को दस लाख रुपए तक के निर्माण कार्यो की प्रशासकीय स्वीकृति देने के अधिकार होंगे।

* पंचायत भवन बनाने में यह अधिकार 15 लाख तक हो जाएगा।

* सरपंचों के ऊपर अब धारा चालीस की तलवार नहीं लटकेगी।

इसके लिए सरकार नए सिरे से व्यवस्था बना रही है।

* हर पंचायत को ई-पंचायत बनाने मिलेंगे एक-एक लाख।

* ग्रामसभा के अधीन होंगी पंचायत की सभी समितियां।

* तीन पंचायतों पर एक सब इंजीनियर होगा तैनात।

* गांव में नहीं खुलेगी दारू की दुकान और फैक्टरी।

* प्रशासनिक जकड़न को समाप्त किया जाएगा।

* पाइप लाइन बिछाकर दिया जाएगा ग्रामीणों के घरों में पेयजल।

* हर पंचायत में बनाए जाएंगे मार्केट।

* पंचायतों में हिसाब-किताब रखने के लिए होगी लेखापाल की तैनाती।

* पंचायतों को अगले साल पंच-परमेश्वर योजना में मिलेंगे 14 अरब।

* मनरेगा की मजदूरी भुगतान के लिए लगेंगे शिविर।