17 February 2019



प्रादेशिक
न्याय बेचें नहीं, ईमानदारी से काम करें
24-01-2013

राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने प्रशासन अकादमी में नवनियुक्त नायब तहसीलदारों के 9 सप्ताह के प्रशिक्षण का समापन किया। राजस्व मंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार और तहसीलदार अमले का सबसे अहम हिस्सा होते हैं। इसलिए पहली अपेक्षा यही है कि ईमानदारी से निश्चित समयावधि में आम आदमी के काम करें। किसानों के आने पर उनके प्रकरणों का सम्मानपूर्वक निराकरण करें। महानिदेशक, आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी श्रीमती आभा अस्थाना और संचालक डा. राकेश अग्रवाल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि नायब तहसीलदार का पद लोक सेवक का पद है। भ्रष्टाचार के दल-दल में फँस कर इसे कलंकित नहीं करें। श्री वर्मा ने कहा कि उन्होंने स्वयं सभी जिलों में प्रवास कर राजस्व विभाग की कार्य-प्रणाली को सुधारने की चेष्टा की है। तहसीलदार मात्र अपने कार्यालयों तक ही सीमित न रहें। गाँवों में कभी-कभी खुद भी पहुँचकर किसानों के नामान्तरण, बँटवारा आदि प्रकरण की जानकारी लेकर उनका निराकरण करवाये। श्री वर्मा ने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारी सम्मानित भी होते हैं।

नवनियुक्त नायब तहसीलदारों के लिए 26 नवम्बर, 2012 से 24 जनवरी 2013 की अवधि के प्रशिक्षण में 41 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। प्रशिक्षणार्थियों को राजस्व, भू-राजस्व, सर्वेक्षण, वन अधिनियम आदि की सैद्धान्तिक एवं व्यावहारिक जानकारी देने के साथ ही योग, हथियारों के प्रयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया। कुल 75 सत्र के इस प्रशिक्षण में 25 सत्र कम्प्यूटर प्रशिक्षण के थे।

राजस्व मंत्री ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। प्रशिक्षण संचालक श्री ए.के. बिसारिया और श्रीमती गोपा पाण्डेय इस अवसर पर उपस्थित थे। अंत में श्री के.के. रावत ने आभार प्रकट किया।