19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
26/11 पीड़िता ने की होटल कर्मचारियों की सराहना
27-01-2013
मुंबई पर 26 नवंबर दो हजार आठ को हुए आतंकी हमले को याद करते हुए इस घटना में जीवित बची एक अमेरिकी महिला ने ओबरॉय होटल के कर्मचारियों के साहस की जबरदस्त सराहना की है। पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली को 35 साल सजा सुनाए जाने से पहले शिकागो अदालत में लिंडा रागसडेल ने जज को बताया कि होटल के कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए उनकी जान बचाई थी। उन्होंने कहा, आतंकियों की गोलियों की परवाह किए बिना ओबरॉय होटल के दो रसोई कर्मचारियों ने उनकी और कुछ अन्य लोगों की जान बचाई। इन हमलों में 166 लोग मारे गए थे। लिंडा ने बताया कि होटल के कम से कम दो कर्मचारी उनकी आंखों के सामने मारे गए थे। उन्होंने बताया, \'मैं और तीन अन्य लोग रसोईघर की और भागे। कुछ पल की शांति के बाद, मैंने देखा कि स्वीमिंग पूल के पानी का रंग लाल हो गया था। अगले ही पल हमलावर ग्रेनेड के साथ वापस आ गए। बम से दीवार और मेरे पांव के नीचे की जमीन खिसक गई।\' उन्होंने बताया कि एक युवक ने उनकी मदद करने का प्रयास किया। उसने धक्का देकर दरवाजा खोला और उस रात हम सुरक्षित बच गए। लिंडा ने बताया कि अगले ही पल कई और हाथ हमारी मदद के लिए आगे बढ़े। इनमें टैक्सी चालक भी थे। उन्होंने अदालत में हेडली से कहा, हम सभी ऐसी परिस्थितियों का सामना कर रहे थे और तुम टेलीविजन पर इसे देख रहे थे। मुझे चलने फिरने योग्य बनने में चार महीने लग गए। लिंडा बच्चों के लिए किताबें लिखती हैं।