18 February 2019



प्रादेशिक
प्रदेश के नव निर्माण में हर नागरिक सर्वश्रेष्ठ योगदान दे-मुख्यमंत्री श्री चौहान
27-01-2013

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर नागरिकों से प्रदेश के नवनिर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का आव्हान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रगति में हर नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। विकास कार्यक्रमों की नयी गति और दिशा प्रदेश का कायाकल्प कर सकती है। श्री चौहान आज सागर में गणतंत्र दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने तिरंगा फहराने के बाद गणतंत्र दिवस परेड की सलामी ली।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि ग्रामों के सर्वांगीण विकास के प्रति राज्य शासन प्रतिबद्ध है। प्रदेश के नगरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधा जनक बनाने के लिये पहल की जा रही है। श्री चौहान ने कहा कि “¨माँ तुझे प्रणाम’’ योजना के तहत युवाओं को देश की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं में एक्सपोजर विजिट के लिये भेजा जायेगा। आबादी के मान से पुलिस बल में 21 हजार नये पद स्वीकृत किये गये हैं। पुलिस कर्मियों के लिये निजी अस्पतालों में सुविधा स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बनायी गयी है। जनता की भागीदारी तथा आवश्यकताओं को समझने के लिये बुलाई गई पंचायतों में हुए संवाद के आधार पर नई योजनाएं प्रारंभ की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में विकास की पहल और परिणामों को देशभर में सराहा गया है। वर्ष खाद्यान्न उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये भारत सरकार ने इसी माह प्रदेश को “ कृषि कर्मण पुरस्कार’’ से सम्मानित किया है।गत वर्ष प्रदेश की आर्थिक वृद्धि दर लगभग 12 प्रतिशत रही। राज्यों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा हो गया है मध्यप्रदेश। श्री चौहान ने कहा कि किसानों के खाते में सीधे कैश ट्रांसफर की व्यवस्था की गई है। अगले वित्त वर्ष में 35 लाख किसानों को बारह हजार करोड़ रूपये के फसल ऋण दिये जायेंगे। इसमें 540 करोड़ रूपये का ब्याज अनुदान राज्य सरकार देगी।

प्रदेश में बदले सिंचाई परिदृश्य में मिली अभूतपूर्व सफलता की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष हम सिंचाई के चौबीस लाख हैक्टेयर के लक्ष्य को भी पार कर पच्चीस लाख हैक्टेयर भूमि में सिंचाई होगी। नर्मदा जल का उद्वहन कर क्षिप्रा, कालीसिंध, पार्वती और गंभीर नदियों में छोड़ने के लिये नदी जोड़ योजना के संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में नर्मदा का जल क्षिप्रा के उद्गम में प्रवाहित करने का कार्य शुरू हो गया है। इससे 3 हजार गांव और 73 शहर लाभान्वित होंगे।

किसानों ने उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में पिछले 3 वर्षों में ढाई गुना और सब्जी उत्पादन में तीन गुना वृद्धि कर दिखाई है। पांच लाख हैक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को उद्याानिकी फसलों के अंतर्गत लाया गया है। फसलोत्तर प्रबंधन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिये हार्टिकल्चर हब स्थापना की नीति भी बनाई गई है। प्रदेश के कुल 3 लाख 72 हजार हेक्टेयर जल क्षेत्र में से 3 लाख 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को मछली पालन किया गया हैं।

श्री चौहान ने कहा कि अटल ज्योति अभियान के जरिए ग्रामीण आबादी को भी 24 घंटे बिजली और कृषि कार्यों के लिये न्यूनतम 8 घंटे बिजली मिलेगी। विकास के लिये भी नयी नीति लागू की गई है। सड़कों की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में 90 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण हो चुका है।

ग्रामों के सर्वांगीण विकास के प्रति और प्रतिबद्धता दर्शाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सड़क योजना, मुख्यमंत्री पेयजल मिशन, मुख्यमंत्री आवास योजना, अटल ज्योति अभियान और पंच परमेश्वर योजनाओं के जरिये गांवों में शहरी सुविधाएं उपलब्ध है। पिछले नौ वर्षों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 11 हजार से अधिक 51 हजार किलोमीटर नई बारहमासी सड़कें बनाई गई है। पंचपरमेश्वर योजना के तहत नाली सहित आंतरिक सड़कों के निर्माण के लिये ग्राम पंचायतों को जनसंख्या के मान से राशि दी जा रही है। साथ ही जिला पंचायतों को एक-एक करोड़ और जनपद पंचायतों को रूपये 25 लाख वार्षिक एक मुश्त दिये गये हैं।

मध्यप्रदेश जल निगम का गठन का जिक्र करते हुए श्री चौहान ने कहा कि 27 सतही स्त्रोत आधारित योजनाओं से 614 ग्रामों को पेयजल उपलब्ध करवाने की कार्रवाई की जा रही है। ग्राम पंचायतों में सूचना प्रौद्योगिकी के जरिये शासकीय योजनाओं का लाभ सुलभ करवाने के उद्देश्य से ई-पंचायत कक्ष बनाने का काम प्रगति पर है। मुख्यमंत्री आवास मिशन के अंतर्गत एक लाख आवासहीन ग्रामीणों के मकान निर्माण के लिये प्रकरण स्वीकृत किये। मर्यादा अभियान के पहले चरण में 12 हजार से अधिक ग्रामों को खुले में शौच की बुराई से मुक्त किया गया है। रोजगार गारंटी योजना में सार्वजनिक उपयोग की स्थाई संपत्तियों के निर्माण में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। मनरेगा की मजदूरी और अन्य शासकीय योजनाओं की लाभ राशि के त्वरित भुगतान के उद्देश्य से 7 हजार 372 गांव के आस-पास अल्ट्रा स्मॉल बैंक सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है। प्रदेश के सभी 50 जिलो में ग्रामीण आजीविका विकास मिशन शुरू हो रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिये 11045 ग्राम पंचायतों में 361 करोड़ रूपये की लागत से खेल मैदानों का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश के 708 मजरे-टोलों को पृथक राजस्व ग्राम बनाए जाने की कार्रवाई युद्ध स्तर पर की जा रही है। पंचायत प्रतिनिधियों को मिलने वाले मानदेय की राशि में वृद्धि की गई है। पंचों को पहली बार प्रति बैठक मानदेय दिया जायेगा। सरपंचों को विकास कार्य के लिये राशि स्वीकृत करने के अधिकार बढ़ाये गये हैं। मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास कार्यक्रम के जरिये 174 नगरीय निकायों को लगभग रूपये दो हजार करोड़ की राशि उपलब्ध करवाई गई है। मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना अंतर्गत 42 शहरों हेतु पेयजल योजनाएं स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री कन्यादान और निकाह योजनाओं की सहायता राशि भी 10 हजार रूपये से बढ़ाकर 15 हजार रूपये कर दी गयी है।

महिलाओं के विरूद्ध अपराधों के शीघ्र निराकरण के लिये 9 जिलों में पृथक न्यायालय स्थापित किये जा रहे हैं। इसके अलावा 52 अपर सत्र न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय की स्थापना की जायेगी। महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिये महिला हेल्प लाईन तथा कॉल सेंटर एक जनवरी 2013 से प्रारंभ किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वामी विवेकानंद का 150 वां जन्म वर्ष की चर्चा करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में समारोह पूर्वक मनाया जा रहा है। स्थानीय आवश्यकताओं, उद्योगों की जरूरतों और बाजार की मांग के अनुरूप रोजगारोन्मुखी नये पाठ्यक्रमों को आई.टी.आई. और कौशल विकास केंद्रों में लागू किया गया है। आदिवासी वर्ग के 25 हजार युवाओं एवं अनुसूचित जातियों के दस हजार युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देने की विशेष योजना भी बनी है।

श्री चौहान ने कहा कि युवाओं को उच्च शिक्षा के लिये ऋण गारंटी देने की योजना में अब तक 95000 विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिये लोन दिया जा चुका है। विश्वविद्यालयों द्वारा डुप्लिकेट अंक सूची, में सुधार की सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में लाया जायेगा मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की 12वींं परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले सरकारी या निजी स्कूलों के छात्रों को एक लेपटॉप दिया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि इन्दौर में 28 से 30 अक्टूबर 2012 को हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मिले 3.77 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्तावों से लगभग 20 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले नौ सालों में खेल एवं युवा कल्याण के बजट में 25 गुना से ज्यादा वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा ओलंपिक्स का आयोजन विकास खण्ड, जिला एवं राज्य स्तर पर किया जायेगा। विजेताओं को कन्याकुमारी स्थित विवेकानंद रॉक मेमोरियल भ्रमण पर भेजा जायेगा।

सरदार वल्लभ भाई पटेल नि:शुल्क औषधि वितरण योजना के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी शासकीय चिकित्सा संस्थाओं में प्रत्येक वर्ग के रोगियों को जरूरी दवाइयां मुफ्त दी जा रही है। शीघ्र ही नि:शुल्क पेथोलॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जावेगी। प्रदेश के 49 हजार 970 ग्राम में ऑगनवाड़ी-सह-ग्राम आरोग्य केंद्र गठित हो गये हैं। डायलिसिस यूनिट भी 34 जिला अस्पतालों में स्थापित की जा रही है।

श्री चौहान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे 65 हजार 634 वरिष्ठ नागरिक एवं वृद्ध दम्पति के भरण-पोषण के लिये राज्य सरकार द्वारा अन्त्योदय अन्न योजना की दर पर खाद्यान्न उपलब्ध करवाया जा रहा है जो अकेले रहते है। लोकसेवा गारंटी कानून के तहत नागरिकों को समय-सीमा में दी जाने वाली सेवाओं का दायरा बढ़ाया गया है। संयुक्त राष्ट्रसंघ लोक सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। देश के दस से भी अधिक राज्यों ने इस कानून को लागू किया है। सभी 23 हजार ग्राम-पंचायतों में ब्राड बेण्ड सुविधा होगी।