22 February 2019



प्रादेशिक
कांग्रेस अनुशासन समिति से रघुवंशी-जोशी हटे
29-01-2013
कांग्रेस हाईकमान ने मप्र के दो और नेताओं को अनुशासन का पाठ पढया है। इसके तहत अनुशासन समिति के अध्यक्ष हजारीलाल रघुवंशी और सदस्य महेश जोशी को हटाते हुए समिति का नए सिरे से गठन कर दिया गया है। अब पूर्व मंत्री चंद्रप्रभाष शेखर इस समिति के मुखिया होंगे अनुशासन समिति के पुनर्गठन को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को मंजूरी दी। दरअसल रघुवंशी पिछले कुछ महीनों से लगातार अपने बयानों को लेकर चर्चाओं में थे। उनके बयान प्रदेशाध्यक्ष कांतिलाल भूरिया और राष्ट्रीय महासचिव बीके हरिप्रसाद को कभी प्रत्यक्ष और कभी परोक्ष रूप से निशाने पर ले रहे थे। चूंकि रघुवंशी पर खुद पार्टीजन को अनुशासन के दायरे में रखने की जवाबदेही थी, इसलिए उनके बयानों से पार्टी में खासा हड़कंप था। वहीं अनुशासन समिति के सदस्य महेश जोशी भी कुछ माह पहले तक असंतुष्टों की गतिविधियों का नेतृत्व कर रहे थे। दिल्ली में कई नेताओं के साथ उन्होंने मप्र में नेतृत्व बदलने की मांग की थी। उधर दिल्ली से फोन पर चर्चा में श्री हरिप्रसाद ने बताया कि अब समिति का नए सिरे से गठन किया गया है। उन्होंने इसे पार्टी का सामान्य निर्णय बताया है।

शेखर के हाथ में कमान

नई अनुशासन समिति के अध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर कांग्रेस सरकार में मंत्री और संगठन में कई पदों पर रहे हैं। वहीं समिति में प्रतापभानु शर्मा विदिशा, महेंद्र बौद्ध दतिया, प्रीति भार्गव उज्जैन, विनोद डागा बैतूल, दीपचंद यादव भोपाल, रमेश दोशी झाबुआ, सम्मति सैनी जबलपुर, बुद्धसेन पटेल रीवा, ब्रजमोहन परिहार ग्वालियर, राजेंद्र भारतीय दतिया और पंकज संघवी इंदौर को सदस्य बनाया गया है।

सोनिया-राहुल को बताएंगे

इस कार्रवाई के बाद वरिष्ठ कांग्रेसी रघुवंशी कुछ क्षुब्ध नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि वे हरिप्रसाद के हुकुम को स्वीकार करते हैं, लेकिन दिल्ली जाकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मिलकर सारी बातें करेंगे। उन्होंने कहा कि मैंने कोई पार्टी विरोधी काम नहीं किया है। हालांकि रघुवंशी ने यह भी कहा कि अनुशासन समिति से उन्हें हटाने का निर्णय एक सामान्य प्रक्रिया है। राजनीति में यह होता रहता है।

कार्रवाइयों में छिपे संकेत

कांग्रेस में बीते कई महीनों से नेताओं द्वारा जारी अनर्गल बयानबाजी के खिलाफ हाईकमान के तेवरों की यह दूसरी बानगी है। पिछले माह सागर के चार नेताओं सुशील तिवारी, हर्ष यादव, जीवन पटेल और अशोक श्रीवास्तव को भी प्रदेशाध्यक्ष की मौजूदगी में अनुशासनहीनता के चलते पार्टी से निकाला जा चुका है।

सूत्रों का कहना है कि चुनाव में जुटने को तैयार पार्टी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं तक अनुशासन में रहने के साफ संकेत पहुंचाना चाहती है। अभी दो और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के बयान और गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

खास बात यह है कि भंग की गई अनुशासन समिति में कुछ पुराने सदस्य जगह नहीं बना सके हैं। इनमें रामेश्वर नीखरा, सुरेंद्र ठाकुर, मुजीब कुरैशी शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि नीखरा को भविष्य में पीसीसी के फेरबदल में बड़ी जवाबदारी मिल सकती है।